Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

Blog posts April 2015

लक्ष्मण की याद में ठहाके ही ठहाके

हम लोग' ने आर.के.लक्ष्मण को याद किया 

मुंबई। सुप्रसिद्ध कार्टूनिस्ट स्व. आर.के.लक्ष्मण को भावांजलि देने के लिए सामाजिक, साहित्यक संस्था ‘हम लोग’की ओर से ‘आर के लक्ष्मण ’  कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को  मुंबई मराठी पत्रकार संघ म…

Read more

बोली पर ब्रेक...!!

यदि सचमुच नेताओं की जुबान पर स्पीड ब्रेकर या ब्रेक लग गया तो कैसे चलेगा चैनलों का चकल्लस

तारकेश कुमार ओझा/ चैनलों पर चल रही खबर…

Read more

दलितों के खाद्य जीवन को रेखांकित करता:‘अन्न हे अपूर्णब्रह्म’

एक ऐसा दस्तावेज जो वर्ण,जाति व धार्मिक व्यवस्था की पोल खोलता दिखता है और उनके खान-पान को रेखांकित करता है

पुस्तक समीक्षा / सं…

Read more

न आलू न गोभी, हम सब हैं यार ‘धोबी’

क्या वर्ल्ड वाइड वेब पोर्टल दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई से ही ऑपरेट करने पर लेखक/रिपोर्टर्स विश्वस्तरीय हो सकते हैं ?…

Read more

‘समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मीडिया की भूमिका’ पर विमर्श

मीडिया शिक्षकों का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, देशभर के मीडिया शिक्षकों का जुटान

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय,  जयपुर में 3 मा…

Read more

डॉ. प्रेम जनमेजय को लाईफ़ टाईम अचीवमेंट सम्मान

दिल्ली। हिंदी के लब्ध प्रतिष्ठ साहित्यकार, भाषाविद्, शिक्षक और 'व्यंग्ययात्रा' के यशस्वी संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय को उनकी उल्लेखनीय साहित्यिक सेवा के लिए 'सृजनगाथा डॉट कॉम लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड' से अलंकृत किया जायेगा । साहित्यिक वेब पत्रिका सृजनगाथा डॉट कॉम द्वारा यह सम्मान विगत 7…

Read more

मेरी आत्मा रो उठी !

नवेन्दु / पहले नेता- मंत्री पत्रकारों से मिलने का समय मांगते थे। अब पत्रकार नेता मंत्री के आगे पीछे करते हैं।...

बड़ी फज़ीहत…

Read more

सोशल मीडिया के रूप में नयी पीढ़ी को मिला नया नशा

वरिष्‍ठ पत्रकार राहुल देव ने कहा कि सोशल मीडिया ने संभावनाओं के अनंत द्वार खोल दिए हैं। लेकिन इन रास्‍तों के खतरे भी कम नहीं हैं। राहुल देव के साथ वीरेंद्र यादव ने खास बातचीत की। इसमें उन्‍होंने स्‍वीकार किया सोशल मीडिया को भी मर्यादित करने के लिए नियमन जरूरी है। पेश है बातचीत-…

Read more

8 blog posts

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;7a01499da12456731dcb026f858719c5f5f76880175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ac66d262fc1ac411d7edd43c93329b0c4217e224175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974175;250;460bb56d8cde4cb9ead2d6bff378ed71b08f245d

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना