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सम्पादक

लीना


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राजस्थान पत्रिका पहुंचे रोहित तिवारी ​

2014.11.23

दबंग दुनिया छोड़ा 

 मुंबईदबंग दुनिया में कार्यरत रोहित तिवारी ने मुंबई के लिए  देश के अग्रणी न्यूज़ पेपर राजस्थान पत्रिका का दामन  थाम लिया है. वे पहले यहाँ पर एंटरटेनमेंट इंचार्ज के तौर पर भर्ती हुए और साथ ही दबंग दुनिआ की एंटरटेनमेंट मगज़िने ''सुपरहिट'' भी उन्हीं के संरक्षण में निकला करती थी. …

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कवि मथुरा प्रसाद गुंजन स्मृति सम्मान समरोह

2014.11.21

मुंगेर में सम्पन्न हुआ कवि मथुरा  प्रसाद  गुंजन  स्मृति सम्मान  समरोह- 2014

मुंगेर/ अरविन्द श्रीवास्तव। विगत कई वर्षों से बिहार में आयोजित साहित्यिक समारोह में ‘कवि मथुरा प्रसाद गुंजनस्मृति सम्मान समारोह’ का अपना विशिष्ठ स्थान रहा है। पिछले दिनों आयोजित इस सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले कवि-साहित्यकारों नेहिन्दी साहित्य के संवर्द्धन में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर साहित्य जगत…

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बिहार के सभी जिलों मे होगा प्रेस क्लब

2014.11.16

पटना। मुख्यमंत्री जीतन राम माँझी ने घोषणा की कि राज्य मुख्यालय पटना के अतिरिक्त सभी जिलों में प्रेस क्लब का निर्माण किया जायेगा, इसके लिए जितनी भी राषि की आवष्यकता होगी, सरकार उपलब्ध करायेगी।

मुख्यमंत्री आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित सं…

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दैनिक कल्पतरु एक्सप्रेस ने अपने 40 कर्मचारियों को हटाया

2014.11.16

आगरा । आगरा, मथुरा और लखनऊ से प्रकाशित होने वाले दैनिक कल्पतरु एक्सप्रेस ने एक पखवारे के भीतर ही अपने 40 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अचानक इतने व्यापक पैमाने पर हुई छंटनी से कर्मचारियों में रोष है। हटाये गये कुछ कर्मचारियों ने न्यायालय की शरण लेने का भी मन बनाया है। …

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​ बाल पत्रकारिता : संभावना एवं चुनौतियां

2014.11.14

14 नवम्बर बाल दिवस पर विशेष लेख

मनोज कुमार/  बीते 5 सितम्बर 2014, शिक्षक दिवस के दिन जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बच्चों से रूबरू हो रहे थे तब उनके समक्ष देशभर से हजारों की संख्या में जिज्ञासु बच्चे सामने थे। अपनी समझ और कुछ झिझक के साथ सवाल कर रहे थे। इन्हीं हजारों बच्चों में छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा से एक बच्ची ने आदिवासी बहुल इलाके में उच्चशिक्षा उपलब्ध कराने संबंधी सवाल पूछा। यह सवाल उसके अपने और अपने आसपास के बच्चों के हित के लिये हो सकता है लेकिन यह सवाल बताता है कि ऐसे ह…

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पत्रकारिता के प्रति विश्वास बहाल करने को युवा पत्रकारों ने कसी कमर

2014.11.03

संगठन बना कर जारी किया जायेगा हेल्पलाइन नंबर

दरभंगा/  मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की संज्ञा दी गयी और भ्रष्टाचार एवं अत्याचार के इस दौर मे भी आज मीडिया आमलोगों का अंतिम आसरा होता है. अपनी आवाज को उठाने का मौका मिलता है दबे कुचले लोगो को मीडिया के सहयोग से. पर आज यहाँ मीडिया अधिकारियों एवं मंत्रियों के प्रेस कॉन्फ्रेंस, जुलूस, जनता दरबार, आदि तक सिमट कर रह गयी है. आमलोगों के बीच जाकर उनकी बात को देश – दुनिया एवं सरकारों तक पहुँचाने की जगह अधिकारियों एवं न…

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टेलीविजन प्रोडक्शन: अंधेरी सुरंग में जलती मशाल

2014.11.03

अवधेश कुमार यादव/ टेलीविजन को भले ही ‘बुद्धूबक्शा‘ कहा जाता है, लेकिन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का पिछला 22 बरस इसके नाम रहा है। इस द्श्य-श्रव्य माध्यम ने अपने चमक और दमक के दम पर न केवल समाज में बदलते मूल्यों व संदर्भो को प्रतिष्ठापित किया है, बल्कि मानव जीवन को अर्थपूर्ण बनाने में अग्रणी भूमिका का निर्वह्न भी किया है। यहीं कारण है कि हिन्दी व अन्य प्रांतीय भाषाओं में टेलीविजन से जुड़ी विविध जानकारी देने वाली पुस्तकों का अभाव होने के बावजूद वर्तमान समय में देश के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में टेलीव…

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क्या फारवर्ड प्रेस अकेली पत्रिका है जो इस मुद्दे को उठा रही है ?

2014.10.28

फारवर्ड प्रेस में छापा और दुर्गा महिषासुर प्रसंग

नया नही है यह मुद्दा, महात्मा ज्योतिबा फुले अपने साहित्य में  बलीराजा, प्रहलाद और महिषासुर के मुद्दाे को पहले ही उठा चुके है

संजीव खुदशाह/ विगत 9 अक्टूबर 2014 को दिल्ली स्थित फारवर्ड प्रेस के कार्…

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कौन जुकरबर्ग?

2014.10.15

आखिर वे भारतीय पत्रकारों को क्यों पूछते!

मनोज कुमार/ जुकरबर्ग को आप जानते हैं? मैं नहीं जानता और न ही मेरी जानने में कोई रुचि है। दरअसल, पिछले दिनों ये कोई जुकरबर्ग नाम के शख्स ने हिन्दी पत्रकारों के साथ जो व्यवहार किया, वह अनपेक्षित नहीं था। वास्तव में ये महाशय भारत में तो आये नहीं थे। इनका वेलकम तो इंडिया में हो रहा था। फिर ये भारतीय पत्रकारों को क्यों पूछते? जुकरबर्ग ने क्या किया और उनका व्यवहार कितना घटिया था, इस पर कोई बात नहीं की जा सकती है। सही और असल सव…

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सच कहने पर प्रभात खबर, ब्रजवाशी को कर रहा प्रताड़ित

2014.10.15

श्रीकांत सौरव। कल इंटरनेट पोर्टल पर सूबे के चार लाख नियोजित शिक्षकों को भ्रामक जानकारी देने वाली खबर क्या छपी, प्रभात खबर ने अपनी गलती नहीं सुधारी. उल्टे  मुजफ्फरपुर  संस्करण के  रिपोर्टर के द्वारा प्रबंधन के ईशारे पर परिवर्तन प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार के अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवाशी को भी परेशान किया जा रहा है. मूलत: मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन के निवासी श्री वंशीधर ने बताया कि आज उनके विद्दालय में स्थानीय संवाददाता को भेजकर उनके बारे में एचएम से पूछताछ की गई.…

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मीडिया के ' कैलाश'.....!!

2014.10.13

तारकेश कुमार ओझा / बचपन में फिल्मों के प्रति दीवानगी के दौर में  फिल्मी पत्र - पत्रिकाएं भी बड़े चाव से पढ़ी जाती थी।    तब .यह पढ़ कर बड़ी  हैरत होती थी कि  फिल्मी पर्दे पर दस - बारह गुंडों से अकेले लड़ने वाले होरी वास्तव में वैेसे नहीं है। इसी तरह दर्शकों को दांत पीसने पर मजबूर कर देने वाले खलनायक वास्तविक जिंदगी में बड़े ही नेक इंसान हैं। समाज के दूसरे क्षेत्र में भी यह नियम लागू होता है। कोई जरूरी नहीं कि दुनिया के सामने भल मन साहत का ढिंढोरा पीटने वाले सचमुच वैसे ही हों। वहीं काफी लोग चुपचाप बड़े कामों में लगे र…

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भ्रामक खबर छापने को ले नियोजित शिक्षक जलाएंगे प्रभात खबर, बिहार की प्रतियां

2014.10.13

परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने लगाया है आरोप

पटना/ शिक्षक आन्दोलन कमजोर करने के लिए एक और झूठी खबर प्रभात खबर, बिहार ने सोमवार की छापी है. इस खबर के बाबत परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर वृजवासी ने बताया कि 11 अक्टूबर को पटना में आयोजित बैठक में उन्होंने मीडिया को बताया था. कि सरकारी घोषणा के चार माह बाद भी अभी तक सरकार की तरफ से दूसरे राज्यों में समीक्षा के लिए वेतन वृद्धि की टीम गठित नहीं हुई है. उन्होंने ही अन्य राज्…

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