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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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राष्ट्रीय सुर्खियां--

सम्पादक

डॉ. लीना


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समाचार कोई, फोटो दूसरे समाचार का

जागरण नालंदा की लापरवाही आई सामने

बिहार शरीफ/ समाचार पत्रों के पाठकों को स्थानीय समाचार सही ढंग से पढ़ने को मिले. इसी  उद्देश्य से अधिकांश दैनिक समाचार पत्रों ने जिला मुख्यालय में अपना कार्यालय खोला है. लेकिन स्थानीय अखबार कर्मी की लापरवाही के कारण आए दिन पाठकों को गलत समाचार पढ़ने को मिल रहा है.…

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समाज की धड़कन है जनसम्पर्क

जनसम्पर्क दिवस, 21 अप्रैल पर विशेष

मनोज कुमार/ अंग्रेजी के पब्लिक रिलेशन को जब आप अलग अलग कर समझने की कोशिश करते हैं तो पब्लिक अर्थात जन और रिलेशन अर्थात सम्पर्क होता है जिसे हिन्दी में जनसम्पर्क कहते हैं. रिलेशन अर्थात संबंधों के बिना समाज का तानाबाना नहीं बुना जा सकता है और इस दृष्टि से पब्लिक रिलेशन का केनवास इतना बड़ा है कि लगभग सभी विधा उसके आसपास या उसमें समाहित होती हैं. पब्लिक रिलेशन को लेकर भारत में आम धारणा है कि …

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सोशल मीडिया पर स्वनियमन आवश्यक

पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा परिसर में ‘सोशल मीडिया : अवधारणा और विश्वसनीयता’ विषय पर चर्चा आयोजित

नोएडा। तथ्यों की जांच किए बगैर हम सोशल मीडिया पर निजता को शेयर कर रहे हैं, एक तरफ जहां सब कुछ छुपा लेना चाहते है वहीं एक दूसरा तंत्र है जो आप पर नजर जमाये हुये है । आज की जरूरत है…

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कठुआ दुष्कर्म की खबर के बाद अख़बार और इसके बिहार संवादी कार्यक्रम पर बवाल

हो रही चारों ओर निंदा, कई साहित्यकारों व संगठनों ने किया बहिष्कार  

डॉ. लीना/ पटना/ कठुआ दुष्कर्म को लेकर “बच्ची से नहीं हुआ था दुष्कर्म” शीर्षक से खबर छापने के बाद कल से ही अख़बार की निंदा की जा रही है. साहित्यकारों, पत्रकारों सहित आमजन भी इसे प्रो-रेपिस्ट पत्रकारिता की संज्ञा दे रहे हैं. इसी मीडिया समूह द्वारा आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय बिहार संवादी कार्यक्रम का आयो…

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महज उपकृत करने के लिए अख़बारों को विज्ञापन

हिंदुस्तान पटना ने फिर छापा समय के बाद सरकारी विज्ञापन

संजय कुमार /बिहार शरीफ/  मीडिया को लोकतंत्र के चौथे खंभे के रूप में जाना जाता है. परंतु , आज प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अपने कर्तव्यों को निर्वाहन सही रूप में नहीं कर पा रही  हैं. वहीं  दूसरी ओर न्यूज़ वेब पोर्टल स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समाचार  पाठकों तक अपने सीमित संसाधन के बूते  सफलतापूर्वक कर रहे हैं . सरकार …

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हिंद वॉच को संवाददाताओं की जरूरत

मीडिया समूह का झारखण्ड में प्रसार

जनपक्षधरता की पत्रकारिता करने वाले हिंद वॉच मीडिया समूह ने अपने अखबार, न्यूज़-पोर्टल और वेब चैनल का विस्तार झारखण्ड के सभी जिलों में किया है| एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर समूह के संपादक सुशील स्वतंत्र ने बताया कि हिंद वॉच ने प्रखंड स्तर पर जमीनी संवाददाताओं को जोड़ने के एक एक विज्ञापन जारी किया है| समूह का संचालन युवा पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा दिल्ली से किया जा रहा है। झारखण्ड में मीडिया गतिवि…

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कठुआ मामले में मीडिया घरानों पर दस-दस लाख का जुर्माना

नयी दिल्ली/ दिल्ली उच्च न्यायालय ने जम्मू कश्मीर के कठुआ में बलात्कार की पीड़ित बच्ची की पहचान उजागर करने वाले मीडिया घरानों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए दस- दस लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। …

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वेबसाइट गड़बड़

ब्यूरो/ डिजिटल इंडिया के इस दौर में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का वेबसाइट पिछले कई दिनों से गड़बड़ चल रहा है. पिछले दो-तीन दिनों से इस साईट को खोलने में समस्या आ रही है. वेबसाइट के पता (http://mib.nic.in/ ) पर जाने से “यह साईट रखरखाव में है या ओवरलोड है बाद में कोशिश करें” की सूचना आ रही है. आज सुबह जब यह एक बार खुला था तो यहाँ 28 मार्च के बाद के जारी सारे आदेश गायब थे, जो कि पिछले दिनों में देखे गये हैं, हालाँकि साईट लास्ट अपडेटेड 17 अप्रैल बता रहा था.   …

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भवेश चंद ने संभाला दैनिक हिन्दुस्तान, पूर्णिया के संपादक का पद

मनिष कुमार/ भवेश चंद ने दैनिक हिन्दुस्तान, पूर्णिया के संपादक का पद संभाल लिया है। इससे पहले वे दैनिक भास्कर, पटना  में कार्यरत थे।

महज 18 वर्षीय पत्रकारिता कैरियर में किसी अखबार का स्थानीय संपादक बन जाना कोई मामूली बात नहीं। मूलरूप से बेगुसराय बिहार के रहने भवेश चंद, दैनिक हिन्दुस्तान …

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क्या दुनियाभर में टीवी की बहस में भी संभव है- फिक्सिंग?

प्रदीप द्विवेदी/ टीवी पर खबरों को लेकर प्रसिद्ध पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी के हवाले से जो कुछ कहा गया है, यदि वह अर्धसत्य है तो भी एक बड़ा सवाल फिर गहरा रहा है कि... क्या दुनियाभर में टीवी की बहस में भी संभव है- फिक्सिंग?…

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क्या सोशल मीडिया पर नियंत्रण की है जरूरत ?

हालिया दो भारत बंद से उपजे कई सवाल

नई दिल्ली/कुमोद कुमार/ दलित आंदोलन फिर उसके बाद आरक्षण विरोधी आंदोलन में ये रोज-रोज के भारत बंद आंदोलन कहां से पैदा हो रहे हैं? इसमें शामिल होने वाले लोग कहां से आ रहे हैं।…

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मध्यप्रदेश में पत्रकारों के स्वास्थ्य और दुर्घटना समूह बीमा की राशि बढ़ेगी

भोपाल/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों के स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में कैशलेस इलाज की व्यवस्था को बढ़ाकर चार लाख रूपये करने की घोषणा की है। अभी तक यह सीमा दो लाख रूपये की है।…

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