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जानकारी

पत्रिका घर में रखना हुआ मुश्किल

सम्पादक

लीना


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'किक ' और क्रिकेट ने पका डाला...!!

2014.07.31

मीडिया के लिए और भी हैं मुद्दे

तारकेश कुमार ओझा/ 2011 में खेले गए विश्व कप क्रिकेट का एक रोमांचक औऱ महत्वपूर्ण मैच भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच खेला गया था। इ्स मैच को देखने के लिए देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी को आमंत्रित किया था। मैं अपने मोहल्ले में बड़े स्क्रीन पर मैच देख रहा था। वहां अन्य लोगों में मौजूद एक सज्जन मैच को लेकर कुछ ज्यादा ही रोमांचित थे। अपनी टीम का …

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हिंदी मीडिया भारतीय भाषाओँ के आंदोलन के साथ क्यों नहीं है?

2014.07.29

हिंदी मीडिया का ‘अंग्रेजी लाओ’ आंदोलन

आनंद प्रधान / अगर कोई आंदोलन यानी धरना-प्रदर्शन-भूख हड़ताल दिल्ली में हो, उसमें हजारों युवा शामिल हों, उसमें शामिल होने के लिए सांसद-विधायक-नेता-लेखक-बुद्धिजीवी पहुँच रहे हों और आंदोलन के मुद्दे से देश भर में लाखों युवा प्रभावित हों तो पूरी सम्भावना है कि वह आंदोलन अखबारों/न्यूज चैनलों की सुर्खी बने.…

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कुछ मीडिया ने की फिर बेशर्मी, आईएम के नाम पर उड़ाई अफवाह

2014.07.27

नौकरशाही डेस्क की रिपोर्ट / मुम्बई पुलिस कमिशनर को मिली धमकी की खबर पर रविवार को फिर कुछ मुख्यधारा के कुछ मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को तार-तार करते हुए अफवाह फैलाने की कोशिश की है.

हालांकि इस मामले में आईबीएन ख…

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दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला सम्पन्न

2014.07.27

जहां कम कानून, वह अच्छा राज्य:मनमोहन वैद्य

एमसीयू और अभा.अधिवक्ता परिषद की ओर से आयोजित  कार्यशाला

भोपालकानून से समाज का संचालन करते जाएंगे तो व्यवस्था ठीक नहीं रहेगी। समाज के अपने मूल्य होने चाहिए…

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कोई हारता नहीं दुनिया में: रत्नेश्वर

2014.07.26

एमसीयू के जनसंचार विभाग में ‘सफल कैसे बनें’ विषय पर व्याख्यान

भोपाल। आपकी सोच और घटनाओं को देखने का नजरिया आपको सफल बनाता है। आप कल्पना करिए कि आप जीत रहे हैं, सफल हो रहे हैं। तय मानिए आप जीत जाएंगे। दुनिया में कोई भी कभी हारता नहीं है। सिर्फ जीत का प्रतिशत कम या ज्यादा होता है। यह विचार प्रख्यात लेखक एवं पत्रकार रत्नेश्वर के. सिंह ने व्यक्त किए। वे बतौर मुख्य वक्ता माखनलाल चतुर्वेदी …

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बिहार विधान मंडल के पाँच धाम!

2014.07.24

पत्रकारों के लिए यह आवश्‍यक हो गया है कि सभी धामों की परिक्रमा कर लें, ताकि कोई खबर छूट न जाए!

वीरेंद्र कुमार यादव/ बिहार विधान मंडल के  दोनों सदनों में खबरों के चार अलग-अलग केंद्र हैं। ये राजनीतिक सत्‍ता व चर्चा के भी  केंद्र हैं। इसे सुविधा के लिए पत्रकारों ने नाम रख दिया है चार धाम। दोनों सदनों में दो-दो धाम हैं। इसक…

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अब मीडिया के सारस्वत पुत्र-पुत्रियों की कैंची सी चलती जुबान बंद है

2014.07.23

पलाश विश्वास/ पिछड़े लालू यादव मीडिया के लिए हास्य और व्यंग्य के पात्र रहे हैं वैसे ही जैसे भोजपुर या किसी भी लोक-भूगोल की माटी में रचे बसे लोग। चारा घोटाले में लालू की जेल यात्रा की खबरों को मीडिया ने ऐसे ही पेश किया कि जैसे भारत की सरजमीं से भ्रष्टाचार का नामोनिशान मिट गया हो और सारे भ्रष्ट लोग जेल के सींखचों के पीछे हैं। अब बिहार के ही पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले के सह अभियुक्त डा. जगन्नाथ मिश्र को इस घोटाले के दूसरे मामलों में बरी कर दिया गया गुपचुप तो मीडिया के स…

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षड्यंत्र के तहत सदा से कलाकार को राजाश्रित बनाया गया

2014.07.22

क्योंकि सत्ता हमेशा कलाकार से डरती है

मंजुल भारद्वाज / सत्ता हमेशा कलाकार से डरती है चाहे वो सत्ता तानाशाह की हो या लोकतान्त्रिक व्यस्था वाली हो . तलवारों , तोपों या एटम बम का मुकाबला ये सत्ता कर सकती है पर कलाकार , रचनाकार , नाटककार , चित्रकार या सृजनात्मक कौशल से लबरेज़ व्यक्तित्व का नहीं, क्योंकि कलाकार मूलतः विद्रोही होता है , क्रांतिकारी होता है और सबसे अहम बात यह है कि उसकी कृति का जनमानस पर अद्भुत प्रभ…

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मीडिया की राजनीति

2014.07.20

चुनाव की महत्ता समझते हुए बाजार ने मीडिया के जरिये सत्ता में पैठ बना ली है

अंशु शरण / तह-दर-तह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मौजूद लोगों की नीयत सामने आ रही है, मीडिया ने इस आम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुये अपनी ताकत को आँका है और हाल के आचरण से लगता है कि अभी से ही विधान सभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।…

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पत्रकारिता में पुरानी है आत्मप्रवंचना की बीमारी ...!!

2014.07.17

तारकेश कुमार ओझा / भारतीय राजनीति के अमर सिंह और हाफिज सईद से मुलाकात करके चर्चा में आए वेद प्रताप वैदिक में भला क्या समानता हो सकती है ! लेकिन मुलाकात पर मचे बवंडर पर वैदिक जिस तरह सफाई दे रहे हैं, उससे मुझे अनायास ही अमर सिंह की याद हो आई। तब भारतीय राजनीति में अमर सिंह का जलवा था। संजय दत्त , जया प्रदा व मनोज तिवारी के साथ एक के बाद एक नामी - गिरामी सितारे समाजवादी पार्टी की शोभा बढ़ाते जा रहे थे। इस पर एक पत्रकार के सवाल के जवाब में अमर सिंह ने कहा था .... मेरे व्…

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सज़ा के पात्र हैं वेद प्रताप वैदिक

2014.07.17

बी.पी. गौतम / भारत के सब से बड़े दुश्मनों में से एक हाफ़िज़ सईद से मिलने वाले पत्रकार वेद प्रताप वैदिक कई तरह की दलीलें दे रहे हैं, जो सब निरर्थक ही महसूस हो रही हैं। उनका कहना है कि वह साक्षात्कार लेने के उद्देश्य से हाफ़िज़ सईद से मिले, जबकि सोशल मीडिया पर जारी होने वाली विवादित तस्वीर से पहले उन्होंने हाफ़िज़ सईद का कोई साक्षात्कार नहीं लिखा और न ही उन्होंने मुलाक़ात को लेकर कहीं कोई चर्चा की, जिससे स्पष्ट है कि उनकी मुलाक़ात को एक पत्रकार की मुलाक़ात नहीं माना जा सकता।…

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निजी एफएम रेडियो आकाशवाणी के समाचार ही प्रसारित कर पाएंगे

2014.07.16

तीसरे चरण में 30 मार्च 2015 तक 839 निजी एफएम चैनल खोले जाने हैं

नयी दिल्ली। निजी एफएम चैनलों को आकाशवाणी द्वारा प्रसारित समाचार को ही पुन: प्रसारित करने की इजाजत दी जाएगी। सरकार ने निजी एफएम रेडियो चैनलों की समाचार प्रसारण की अनुमति की मांग पर आज स्पष्ट किया कि रेडियो के विस्तार के तीसरे चरण के तहत निजी एफएम चैनलों को आकाशवाणी द्वारा प्रसारित समाचार को ही पुन: प्रसारित करने की इजाजत दी जाएगी, अन्…

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