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राष्ट्रीय सुर्खियां--

सम्पादक

लीना


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नवादा में ग्रामीण मीडिया कार्यशाला“वार्तालाप”

2015.07.04

नवादा / सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, पटना द्वारा 3 जुलाई को नवादा में एक दिवसीय ग्रामीण मीडिया कार्यशाला – “वार्तालाप” का आयोजन किया गया। कार्यशाला में नवादा जिले के प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े प्रखंड स्तर तक के मीडियाकर्मियों ने भाग लिया ।…

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‘नेट न्यूट्रीलिटी’ का अनसुलझा सवाल

2015.06.30

मनोज कुमार / संचार माध्यमों के विस्तार के साथ ही इंटरनेट ने एक ऐसी दुनिया क्रियेट की जिसके चलते विश्व-ग्राम की अवधारणा की स्थापना हुई। बहुसंख्या में आज भी लोग इंटरनेट फ्रेंडली भले ही न हुए हों लेकिन ज्यादतर काम इंटरनेट के माध्यम से होने लगा है। बाजार ने जब देखा कि इंटरनेट के बिना अब समाज का काम नहीं चलना है तो उसने अपने पंजे फैलाना आरंभ कर दिया और अपनी मनमर्जी से इंटरनेट यूजर…

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"डीडी किसान चैनल" के बिहार मॉनिटरों की पहली संगोष्ठी

2015.06.29

साकिब जियापटना/ दूरदर्शन केन्द्र,पटना में डीडी किसान चैनल की ओर से "डीडी किसान मॉनिटर संगोष्ठी" आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के किसानों को इस चैनल के माध्यम से नई वैज्ञानिक तकनीक से अवगत कराने पर विस्तार से चर्चा की गई। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी मानना है कि जब किसान बढेगा तभी देश बढ़ेगा।…

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वो चुपचाप चले गये….

2015.06.28

प्रफुल्ल बिदवई जी को जन आन्दोलनों का जिंदाबाद!

नई दिल्ली/ अपने निर्भीक पत्रकारिता व जीवन की बेबाक शुचिता को साथ लेकर प्रफुल्ल बिदवई हमारे बीच से चले गये। जबकि देश को आज उनके जैसे स्वतंत्र पत्रकार की बहुत ही जरुरत थी। एक बहुत बड़े आकार में से जो खालीपन प्रफुल्ल भाई छोड़ गये है, वो भरना संभव नही है।…

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वरिष्ठ पत्रकार-लेखक प्रफुल्ल बिदवई नहीं रहे

2015.06.24

पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और समाज विज्ञानी प्रफुल्ल बिदवई का 66 साल की उम्र में हॉलैंड के एम्सटर्डम में निधन हो गया. बीबीसी ने अकादमिसियन अचिन विनायक के हवाले से खबर दी है कि उनकी मौत गले में भोजन फंस जाने की वजह से हुई. बिदवई पर्यावरण, वैश्विक न्याय और शांति विषय पर लिखते थे. उनके लेख देश-दुनिया के तमाम अखबारों में प्रकाशित होते थे. उन्होंने बीबीसी के लिए भी काफ़ी लिखा है.…

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टी.बी. रोग विषय पर मीडिया कार्यशाला

2015.06.24

पटना।  दुनिया में टी.बी.(यक्ष्मा) रोग का सबसे ज्यादा बोझ भारत पर है। आंकड़ों के मुताबिक विश्व के कुल टी.बी. मामलों में एक चौथाई हमारे देश में होते हैं। साल 2014 में भारत में टी.बी. के 21 लाख से ज्यादा मामले सामने आये। टी.बी. से हर वर्ष 2.4 लाख भारतीयों की मौत हो जाती है और ये बीमारी भारत में व्यस्कों की मौत के प्रमुख कारणों में से एक है।…

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मुद्राराक्षस ने सत्ताओं, शक्ति केंद्रों को ठेंगे पर रखा: सुभाष राय

2015.06.23

कौशल किशोरलखनऊ। बेबाक, बेलौस शख्सियत, तीखी असहमतियों, आलोचनाओं को भी पचा कर मुस्कराते रहने वाले, अपने आलोचक को सर्वाधिक प्रिय मानने वाले, अपनी उपस्थिति से ही सबको ऊर्जस्वित करने की क्षमता से संपन्न मुद्राराक्षस लखनऊ  में  अपनों से रुबरू थे। उनके जन्मदिन की पूर्वसंध्या पर लखनऊ  के जयशंकर सभागार में २०  जून  दिन शनिवार को उन्हें सुनने, उनसे मिलने, उनके बारे में अपनी…

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एक और पत्रकार को जिंदा जलाया

2015.06.22

मध्यप्रदेश में पत्रकार का अपहरण कर  जिंदा जला कर नागपुर में फेंकी लाश

बालाघाट। जिले की कटंगी तहसील मुख्यालय से दो दिन पहले अपहृत चालीस वर्षीय पत्रकार संदीप का जला हुआ शव शनिवार की रात महाराष्ट्र में नागपुर के निकट बूटीबोरी स्थित एक खेत से मिला है। कटंगी के अनुविभागी…

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"सोशलिस्ट फैक्टर" का हुआ विमोचन

2015.06.21

लखनऊ। मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव ने अँग्रेजी मासिक "सोशलिस्ट फैक्टर" पत्रिका का विमोचन करते हुए कहा कि इसके सम्पादक फैंक हुजूर जी देश और दुनिया के सोशलिज्म को अपनी पत्रिका के माध्यम से हमारे समक्ष रखेंगे।…

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'जर्नलिज्म 'कमिटमेंट' है और मीडिया 'धंधा' है : पी.सांईंनाथ

2015.06.20

हेमंतपटना।  'जर्नलिज्म 'कमिटमेंट' है और मीडिया 'धंधा' है। पत्रकार बढ़ रहे हैं ,लेकिन पत्रकारिता सिकुड़ती जा रही हैं। हिंदी अखबारों में कृषि और किसानों को दो फीसदी और अंगरेजी में एक फीसदी से भी कम कवरेज मिलता है । मनोरंजन, क्राइम और पाॅलिटिक्स मीडिया में सत्तर फीसदी से भी अधिक जगह पाते हैं।  क्राइम अगर सलमान खान या संजय दत्त जैसे सितारों से जुड़ा हो तो उसे हमारी मीडिया में मनोर…

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जगेन्द्र तो मर गए, क्या आप जिंदा हैं ?

2015.06.18

जगेन्द्र के इंसाफ की लड़ाई में 25 जून 2015, गुरूवार शाम 4 बजे गांधी प्रतिमा, हजरतगंज लखनऊ में सभी को संघर्ष में शामिल होने की अपील  

लखनऊ / पत्रकार दोस्तों, जगेन्द्र सिंह के जिंदा जलाकर मार दिए जा…

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दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन की तैयारी शुरू

2015.06.17

जनरल वी.के.सिंह ने  सचिवालय का किया  उद्घाटन, हिन्दी सम्मेलन की प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न

भोपाल /  10 से 12 सितम्बर 2015 को भोपाल में होने वाले दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के सचिवालय का उद्घाटन आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारि…

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