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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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राष्ट्रीय सुर्खियां--

सम्पादक

डॉ. लीना


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"आज" अखबार के मीडियाकर्मियों ने मजीठिया नहीं मिलने पर की शिकायत

September 26, 2016

पटना. आज अखबार पटना के दर्जनों मीडियाकर्मियों ने मजीठिया वेज बोर्ड नहीं दिए जाने से नाराज होकर बिहार के श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव को शिकायत पत्र भेजा है.

पत्र की प्रति  सुप्रम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी भेजी गई है. पत्र में इन म…

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झिझक मिटे तो हिंदी बढ़े ...!!

September 14, 2016

हिंदी दिवस के लिए विशेष 

तारकेश कुमार ओझा / एक बार मुझे एक ऐसे समारोह में जाना पड़ा, जहां जाने से मैं यह सोच कर कतरा रहा था कि वहां अंग्रेजी का बोलबाला होगा। सामान्यतः ऐसे माहौल में मैं सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाता। लेकिन मन मार कर वहां पहुंचने पर मुझे अप्रत्याशित खुशी और सुखद आश्चर्य हुआ। क्योंकि ज्यादातर वक्ता भले ही अहिंदी भाषी और ऊंचे पदों को सुशोभित करने वाले थे, लेकिन समारोह के शुरूआत में ही एक ने हिंदी में भाषण क्या शु…

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बी0 पी0 मंडल जयंती समारोह- 2016

September 11, 2016

समाजिक न्याय के पक्ष में  वक्ताओं ने भरी  हुंकार 

सरस्वती चन्द्र/ कटिहार  गत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी सामाजिक न्याय के योद्धा, द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष महामना बी0 पी0 मंडल जी की 99वीं जयंती दिनांक 28 अगस्त 2016 दिन रविवार को कटिहार नगर निगम के नगर भवन में 11 बजे दिन से समारोहपूर्वक मनायी गयी। इस समारोह का आयोजन श्रीकृष्ण आस्था मंच, कटिहार एवं ओ0बी0सी0 रेलव…

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मोहक भाषा और प्रभावशाली शिल्प के यशस्वी कथाकार थे राजा राधिका रमण

September 10, 2016

साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई जयंती

पटना । विलक्षण प्रतिभा के रस-सिद्ध साहित्यकार और शैलीकार थे राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह्। वे वहुभाषा-विद थे। संस्कृत, अँग्रेजी, उर्दू और फ़ारसी का भी गहन-ज्ञान था उन्हें। यही कारण था कि उनकी भाषा और शैली पाठकों को अभिभूत करती थी। वे समन्वय के पक्षधर और धार्मिक-सहिष्णुता के पक्षधर थे। ‘राम-रहीम’ नामक उनकी बहुचर्चित कहानी इसी संवेदना और सघन भाव की अभिव्यक्ति है।…

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शोध पत्रिका ‘समागम’ का सितम्बर अंक हिन्दी पर

September 9, 2016

शोध पत्रिका ‘समागम’समय समय पर विविध विषयों पर अंक केंद्रित करता रहा है. नया सितम्बरअंक हिंदी को समर्पित है. इस अंक में इस बात की पड़ताल करने की कोशिश की गई है कि आखिर हम कहाँ से चले थे और कहाँ पहुचे। …

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पत्रकारों को भी छूट मिले विज्ञापन का

September 7, 2016

पत्रकार खुलेआम पार्टी का प्रचार कर रहे हैं तो प्रोडक्ट का प्रचार क्यों न करें

रवीश कुमार/ अमर उजाला के भीतरी पन्ने पर भाजपा सांसद को ब्लैक मैजिक कूकर का विज्ञापन देखा तो कुछ दिन पहले पन्ने पर छपे रिलायंस जियो के विज्ञापन में प्रधानमंत्री की तस्वीर वाला प्रसंग कौंध गया। प्रधानमंत्री देश के नेता होता हैं तो लोकसभा का भी तो नेता होते हैं। उन्हीं में से ए…

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हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आरंभ हुआ ‘पुस्तक चौदस मेला’

September 4, 2016

मौके पर गोवा की राज्यपाल और लेखिका डा मृदुला सिन्हा ने कहा, साहित्य संस्कृति का वाहक है पुस्तक 

पटना। साहित्य संस्कृति का वाहक है। यदि साहित्य नहीं होता तो बिहार के लोग  बुद्ध, अशोक और चाणक्य जैसी महान विभूतियों की बातें भी गर्व से नहीं कर पाते। हमने उन्हें साहित्य के माध्यम से जाना। पुस्तकों के माध्यम से जाना। यदि इतिहास का लेखन…

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समाज और प्रशासन की कड़ी है मीडिया

September 3, 2016

हिंदी विवि के जनसंचार विभाग में मीडिया संवाद

वर्धामीडिया और प्रशासन का अन्योनाश्रय संबंध है। आजादी के लगभग 70 साल बाद भी प्रशासन, समाज के बीच अपनी जगह बनाने में सफल नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग पुलिस के नाम से डरते हैं। लेकिन समय के साथ प्रशासन के कार्यों में भी बदलाव हो रहा है। समाज के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध के लिए प्रशासन कई योजनाएं भी चला रहा। समाज और प्रशासन के संबंधों को जोड़ने में मीडिया क…

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मीडिया के विस्तार से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के लिए आत्म-नियमन और उचित संयम जरुरी : वेंकैया नायडू

September 1, 2016

केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री श्री एम वेंकैया नायडू ने दो दिवसीय क्षेत्रीय संपादकों के सम्मेलन का उद्घाटन किया, कहा -प्रगति में एक भागीदार के रूप में  मीडिया को सद्भाव को बढ़ावा देने की जरूरत है विभाजनकारी संचार को नहीं.…

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मनोरंजन का संसार और बदलता सांस्कृतिक परिदृश्य पर संगोष्ठी कल

September 1, 2016

मुम्बई प्रेस क्लब में 2 सितम्बर को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का कार्यक्रम

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल की ओर से 'मनोरंजन का संसार और बदलता सांस्कृतिक परिदृश्य' विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा ह…

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नेशनल हेराल्ड और नवजीवन का फिर से होगा प्रकाशन

August 31, 2016

नयी दिल्ली। चर्चित अखबार नेशनल हेराल्ड और नवजीवन का प्रकाशन जल्दी ही फिर से शुरू होगा। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इन्हें स्थापित किया था। पंडित नेहरू ने इन अखबारों के प्रकाशन के लिए 1937 में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की स्थापना की थी। कंपनी का कहना है कि इन अखबारों के जरिए पंडित नेहरू के विचारों को अभिव्यक्ति देकर आगे बढाया जाएगा। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड समूह उर्दू अखबार कौमी आवाज को भी दोबारा शुरू करेगा। …

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वंचितों की आवाज ‘सोशलिस्ट फैक्टर’

August 29, 2016

संजय कुमार/ अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेखक, बायोग्राफर और संपादक फ्रैंक हुजूर यों तो अपनी पुस्तकों- टीपू स्टोरी, सोहो-जिस्म से रूह तक का सफर , हिटलर लव विद मैडोना, इमरान V/S इमरान से खासे चर्चित रहे हैं। खास कर बायोग्राफी लेखक के तौर पर इनकी पहचान अंतरराष्ट्रीय पटल पर है। लेकिन लेखन के अलावा कुशल संपादक की भूमिका में भी अब वे चर्चे में है। मासिक पत्रिका अंग्रेजी ‘सोशलिस्ट फैक्टर’ और हिन्दी में साप्ताहिक अखबार ‘सोशलिस्ट फैक्टर’ के वे प्रधान संपादक हैं।…

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