दो दिवसीय साहित्यिक समागम सम्पन्न
बेगूसराय / आप अपने लिए लड़ते हैं तभी हारते हैं। सही जगह पहुँचने के लिए सही घोड़ा औए ठीक सवार भी चाहिए। जो लोभी होगा वह निडर कैसे हो सकता है? जो लोग संस्कृति की बात करते हैं कभी उन्होंने- नरहरि दास, मीरा, कबीर, सूर व तुलसी का नाम नही लिया..।
क्या अंबानी को जरूरत है सम…




“सैयद अमीर अली मीर पुरुस्कार- 2013” मुम्बई की साहित्यकार, ग़ज़लकारा श्रीमती देवी नागरानी को दिया गया।







