Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

डब्लूजेएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मातृ शोक

मंगलवार को भागलपुर स्थित अपने आवास पर ली अंतिम सांस

पटना / वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया(डब्लूजेएआई ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल की माता का निधन 21 दिसंबर को हो गया। वे काफी दिनों से बीमार चल रहीं थीं और उनका इलाज पटना एम्स में चल रहा था। आनंद कौशल की माता जी का स्वास्थ्य एम्स में इलाज के बाद स्थिर था लेकिन अचानक मंगलवार को हृदयगति रुकने से अपने निजी आवास भागलपुर में अंतिम सांस ली। उनके निधन से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। आनंद कौशल की माता के निधन की सूचना मिलते ही सगे संबंधी और अन्य लोग आनंद कौशल के आवास पर जुट गए। उनके निधन की खबर जिन्हें भी मिली वे स्तब्ध हो गए। दिवंगत को मुखाग्नि उनके छोटे बेटे कमलेश कौशल ने दी। विदित हो कि करीब ढाई वर्ष पूर्व आनंद कौशल के पिता का भी निधन हो गया था।

आनंद कौशल के माता के निधन पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल, पूर्व विधान पार्षद एवं जदयू नेता भूमिपाल राय, बिहार राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन विद्यानंद विकल, भागलपुर से भाजपा के पूर्व विधायक प्रत्याशी अर्जित शास्वत चौबे, भागलपुर भाजपा जिला मंत्री प्रणव घोष, व्यवसायी शिव कुमार झा, वरिष्ठ भाजपा नेता पवन मिश्रा, भाजपा नेता रंजन सिंह, कांग्रेस नेता रविंद्र यादव, वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के संरक्षक रजनीकांत पाठक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रजनीश कांत, माधो सिंह, ऋषि भारद्वाज, अमिताभ ओझा, हर्षवर्धन द्विवेदी, राष्ट्रीय महासचिव अमित रंजन, राष्ट्रीय सचिव निखिल के डी वर्मा, नितेश रंजन, कौशलेंद्र कुमार, सुरभित दत्त, मुरली मनोहर श्रीवास्तव, अकबर इमाम, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव मधुप मणि पिक्कू, राजेश अस्थाना, रमेश पांडेय, मनोकामना सिंह, डॉ लीना, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश अश्क, राष्ट्रीय कार्यालय सचिव मंजेश कुमार, बिहार प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण बागी, पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रचूड़ गोस्वामी, अनूप नारायण सिंह, रविशंकर शर्मा, राम बालक राय, बालकृष्ण समेत अन्य सदस्यों एवं बड़ी संख्या में शोकाकुल परिवार के उपस्थित सदस्यों ने शोक जताया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को दुख की घड़ी में धैर्य धारण करने की हिम्मत देने की प्रार्थना की।

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;cb150097774dfc51c84ab58ee179d7f15df4c524175;250;a6c926dbf8b18aa0e044d0470600e721879f830e175;250;5524ae0861b21601695565e291fc9a46a5aa01a6175;250;3f5d4c2c26b49398cdc34f19140db988cef92c8b175;250;53d28ccf11a5f2258dec2770c24682261b39a58a175;250;d01a50798db92480eb660ab52fc97aeff55267d1175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना