अख़बारों की तरह टीवी ने भी बायलाइन की मर्यादाएं कभी तय नहीं कीं, न न्यूज़ ब्राडकास्टिंग एसोसिएशन ने खुद कीं, न प्रेस कौंसिल को ही कोई मतलब था
जगमोहन फुटेला/ अख़बार के लिए बायलाइन बनी कि बायलाइन के लिए अख़बार, पता नहीं. लेकिन उस का अर्थ तो अनर्थ होने की हद तक होता ही रहा है. इस लिए ये बहस भी अब व्…



