Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

शोध पत्रिका ‘समागम’ का सितम्बर अंक हिन्दी पर

शोध पत्रिका ‘समागम’समय समय पर विविध विषयों पर अंक केंद्रित करता रहा है. नया सितम्बरअंक हिंदी को समर्पित है. इस अंक में इस बात की पड़ताल करने की कोशिश की गई है कि आखिर हम कहाँ से चले थे और कहाँ पहुचे।

हिंगलिश के इस दौर में हिंदी कैसे और कितना जगह बना पायेगी, यह यक्ष प्रश्न की तरह हमारे सामने है. एक कोशिश है कि हम सब मिल कर हिंदी के लिए कुछ करें ही नहीं, बल्कि करते रहें।

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;7a01499da12456731dcb026f858719c5f5f76880175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ac66d262fc1ac411d7edd43c93329b0c4217e224175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974175;250;460bb56d8cde4cb9ead2d6bff378ed71b08f245d

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना