भगवान न करें कि आपके साथ ऐसा हो, अगर हो भी जाए तो कवरेज का अधिकार के तहत आप भी पूरा मज़ा लीजिए !
रवीश कुमार। इंद्राणी मुखर्जी की गिरफ्तारी से जिस तरह से चैनलों और अखबारों में कवरेज हो रहा है, वो कोई पहली बार नहीं हो रहा। पहले भी इसी तरह के कवरेज को लेकर लंबे लंबे लेख लिखे जा चुके हैं। पत्रकारिता …

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