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 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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"मास मीडिया के क्षेत्र में सहयोग" को शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों में समझौता

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने एक समझौते पर हस्ताक्षर और अनुमोदन को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शंघाई सहयोग संगठन के सभी सदस्‍य देशों के बीच ''मास मीडिया के क्षेत्र में सहयोग'' के लिए एक समझौते पर हस्‍ताक्षर और अनुमोदन हेतु अपनी कार्योत्तर मंजूरी दे दी है। इस समझौते पर जून, 2019 में हस्ताक्षर किए गए थे।

यह समझौता मास मीडिया के क्षेत्र में संघों के बीच समान और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को बढ़ावा देगा। प्रत्येक पक्ष पारस्परिकता के आधार पर गतिविधियों को सुगम बनाएगा जिससे समानता सुनिश्चित हो सके। यह समझौता सदस्य देशों को मास मीडिया के क्षेत्र में सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों और नवीन नवाचारों को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा।

विशेषताएं:

सहयोग के मुख्य क्षेत्र निम्नलिखित हैं:

​मास मीडिया के माध्यम से सूचना के व्यापक और पारस्परिक वितरण के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण ताकि अपने देशों के लोगों के जीवन के बारे में ज्ञान को और परिपक्व किया जा सके।

अपने देशों के मास मीडिया के संपादकीय कार्यालयों के साथ-साथ मास मीडिया के क्षेत्र में काम करने वाले संबंधित मंत्रालयों, एजेंसियों और संगठनों के बीच सहयोग, विशिष्ट परिस्थितियों और रूपों को स्वयं प्रतिभागियों द्वारा निर्धारित किया जाएगा, जिसमें पृथक समझौतों का निष्कर्षभी शामिल हैं;

मीडिया से जुड़े पेशेवर अनुभवों का अध्ययन करने के साथ-साथ इस क्षेत्र से संबंधित बैठकें, सेमिनार और सम्मेलन आयोजित करने के लिए सभी देशों के पत्रकारों के विभिन्न पेशेवर संघों के बीच समान और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को बढ़ावा देना;

टेलीविजन और रेडियो कार्यक्रमों के प्रसारण में सहायता, दूसरे पक्ष के देश के सीमा क्षेत्र में कानूनी रूप से वितरित, सामग्री और सूचना के संपादकीय कार्यालयों द्वारा कानूनी प्रसारण, यदि उनका वितरण इन पक्षों के देशों की कानून जरूरतों के मुताबिक है;

मास मीडिया के क्षेत्र में अनुभव और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना, मीडिया पेशेवरों को प्रशिक्षण देने में पारस्परिक सहायता प्रदान करना और इस क्षेत्र में कार्यरत शैक्षिक और वैज्ञानिक-अनुसंधान संस्थानों और संगठनों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना।

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना