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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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पत्रकार व गैर पत्रकार कर्मचारियों को वेतन देना अनिवार्य

प्रदीप आर्य(साई)/ भोपाल। श्रम जीवी पत्रकार एवं अन्य समाचार पत्र कर्मचारी अधिनियम 1955 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा गठित मजीठिया वेतन बोर्ड द्वारा पत्रकार एवं गैर पत्रकार कर्मचारियों के वेतन भत्तों की अनुशंसाओं को 11 नवंबर 2011 से लागू किया गया है। जिसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 7 अप्रेल .2014 को सभी याचिकाओं को निराकृत करते हुए वेतन बोर्ड की अनुशंसाओं को लागू करने के निर्देश दिए गये है।

मजीठिया वेतन बोर्ड द्वारा समाचार पत्रों के व्यावसायिक क्षमता के अनुसार पत्रकार एवं गैर पत्रकार कर्मचारियों के वेतन भत्तों का निर्धारण किया गया है। इस संबंध में यदि किसी पत्रकार अथवा पत्रकार कर्मचारियों को अपने नियोजकों से शिकायत है अथवा उनसे वेतन बोर्ड की सिफारिशों के पालन के संबंध में जबरन या दबाव डालकर कोई अनुबंध कराया जा रहा है, तो वह कर्मचारी अपने नियोजकों के विरूद्व सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय सागर में 15 मई तक लिखित में शिकायत प्रस्तुत कर सकते है। मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों की विस्तृत जानकारी श्रम विभागीय बेबसाईट पर प्राप्त कर सकते है।

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना