Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

Blog posts : "फेसबुक से "

हमें सुनाई भी दे रहा है, दिखाई भी दे रहा है और आपको अंजना मैम?

चैनल को पता है कि हऊआ पैदा करने से वो कंटेंट के बारे में सोचना छोड़ देंगे...

विनीत कुमार/ आजतक चैनल ने अपने प्राइम टाइम शो राजतिलक में हेलीकॉप्टर जोड़ा है. इसके जर…

Read more

क्या मीडियाकर्मियों की ये हरकत राष्ट्रहित में है

विनीत कुमार/ संसद भवन के भीतर स्मोक केन/बम की ख़बर के लेकर देश के प्रमुख चैनलों के संवाददाताओं ने संसद भवन के बाहर जो हरकत की है वो मीडिया और लोकतंत्र को शर्मसार करनेवाली है. पीली रंग की च़ीज को लेकर जिसके बारे में न्यूजरूम से लगातार स्मोक बम/केन बताया जाता है, उनके आपस में छीना-…

Read more

तो यह सूची भी जायज है..

अपने अंदर झांककर देखना भी जरूरी

नागेंद्र प्रताप/ हमारे जो पत्रकार मित्र विपक्षी गठबंधन द्वारा कुछ पत्रकारों के बायकॉट की घोषणा से बुरी तरह आहत हैं, उन्हें दरअसल उस वक्त आहत होना चाहिए था जब ये या ऐसे पत्रकार पत्रकारित…

Read more

चैनल क्या सूचना के स्तर पर आपको समृद्ध कर रहा है

इससे कहीं ज़्यादा विज्ञापन में सूचनाएं, रेप्लिका तैयार करना ही अब चैनल की पत्रकारिता !

विनीत कुमार/ G20 को लेकर CII (कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन…

Read more

दरअसल राहुल कँवल, इंडिया टुडे ने आपको धोखे में रखा

विनीत कुमार/ पिछले दिनों इंडिया बनाम भारत को लेकर इंडिया टुडे चैनल पर राहुल कँवल ने जो कार्यक्रम पेश किया, उसे लेकर मैंने एक पोस्ट लिखी. उस पोस्ट पर जितनी प्रतिक्रिया आयी, उनमें से एक पढ़ते हुए लगा कि टिप्पणी करनेवाले अभय ( Abhai Srivastava) ने यह समझा कि स्टूडियो में बैठकर राहुल…

Read more

ये इसरो और भारतीय वैज्ञानिकों की शाम है, न्यूज एंकरों की नहीं

विनीत कुमार न्यूज एंकरों में इतनी भी समझदारी नहीं बची है कि वो अपने दर्शकों को बता सकें कि आज इसरो और उनके वैज्ञानिकों का दिन है. ख़ुद ही फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में शामिल होकर उन्हें अपदस्थ करने में लगे हैं. हम भारतीय आज जिनके बूते जश्न मना रहे हैं, स्क्रीन पर उनके होने का …

Read more

ख़ुशफहमी कि चैनलों पर लौट आयी पत्रकारिता

विनीत कुमार/ इन दिनों न्यूज एंकरों की पूरी कोशिश अपने दर्शकों के बीच यह ख़ुशफहमी पैदा करने की है कि चैनलों पर पत्रकारिता लौट आयी है. मेरी अपनी समझ है कि चैनलों से पत्रकारिता इतनी दूर चली गयी है कि कोई एंकर जाकर वापस लाने की भी कोशिश करें तो ख़ुद इस इन्डस्ट्री में न लौट पाएंगे. मी…

Read more

क्या तुम अपने भीतर से दिल और दिमाग़ दोनों निकालकर एक डब्बे के तौर पर न्यूजरूम में शामिल हो सकते हो ?

सिर्फ मास कॉम का कोर्स करके मीडियाकर्मी नहीं बन सकते

विनीत कुमार/ देश के प्रिय युवा/ टीनएजर्स !

यदि आप बारहवीं या स्नातक( ग्रेजुएशन) के बाद जर्न…

Read more

चैनलों ने समाज को इस लायक रहने भी दिया ?

किस भरोसे से लोग मदद के लिए सामने आएंगे

विनीत कुमार/ हालांकि है तो यह बेहद ही शर्मनाक बात कि बीच सड़क पर, दर्जनों लोगों के आते-जाते बीच गुरुग्राम में 23 साल का एक युवक महिला पर दनादन वार करता है, बेतहाशा चाकू चलाता …

Read more

हमारे न्यूज एंकर मीडियाकर्मियों की हिन्दी

विनीत कुमार/ न्यूज चैनल देखते हुए कभी आप इस सिरे से सोचते हैं कि जिस हिन्दी ने औसत दर्जे के मीडियाकर्मी को शोहरत, दौलत और ताक़त दी, उनकी उस हिन्दी को सुनते हुए हम अपने बच्चों को ऐसी ही भाषा सीखने की सलाह दे सकते हैं ? आपकी नज़र में हिन्दी न्यूज चैनल का कोई भी एक एंकर है जिनके बार…

Read more

जानवरों की तरह न्यूजरूम से हांके गए दर्जनों मीडियाकर्मी

विनीत कुमार/ एबीपी न्यूज के आउटपुट हेड जो कि पिछले बीस साल से (स्टार न्यूज के दौर से ) चैनल को अपनी सेवाएं देते आए, उन्हें धकियाते हुए परिसर से बाहर किया गया. उनकी किताबें और बाक़ी चीज़ों को उनके साथ भेज दिया गया जिससे कि वो दोबारा किसी भी बहाने यहां आ न सकें. उन्हें अपने सहयोगिय…

Read more

नामचीन के इंटरव्यू महज हैसियत जताने के माध्यम

अब इस विधा में कुछ बचा नहीं है.

विनीत कुमार/ चूंकि मुझे इतनी बात मालूम है कि किसी चैनल या डिजिटल प्लेटफॉर्म को किसी नामचीन चेहरे को इंटरव्यू के लिए तैयार करने में कितनी मशक्क़त करनी पड़ती है तो उसके पीछे का गुणा-गणित भी समझ आता है.…

Read more

कुछ ही जातियों का वर्चस्व बड़े मीडिया समूहों में भी

उर्मिलेश/ अपने यहाँ के मीडिया-समूहों(बड़े अख़बारों और टीवी चैनलों में) में जाति और जातिवाद की बात चलती है तो अमूमन लोग कहते हैं, छोड़िये न जातिवाद कहाँ नहीं है, अपने समाज के हर क्षेत्र में है! लेकिन तुलनात्मक स्तर पर देखें तो जातिवाद का बड़ा ही हैरतंगेज़ चेहरा दिखाई देता है. सबसे अधि…

Read more

लाशों का ढेर और शो में पूरे जोश के साथ स्वागत

अविनाश कुमार सिंह/ बालासोर रेल हादसा। २८८ लोगों की मौत। एक हजार से ज्यादा घायल। चीत्कार। चीख पुकार। बिलखते लोग। तबाही का मंजर। खौफनाक डरावनी तस्वीरें। हर तरफ खून के धब्बे। खून से सनी लाशें। जो अभी जिंदा थे, अभी अभी मर गए। पल पल दम तोड़ते लोग। हमने 'गदर' देखी। मुसाफिर जो…

Read more

67 की उम्र में हथकड़ी का 'पुरस्कार'

एक सवाल

डॉ. अशोक प्रियदर्शी / कहानी मुफलिसी पत्रकार की है। नाम है रविंद्र नाथ भईया। रहने वाले हैं बिहार के नवादा जिले के खनवां गांव के। उम्र के आखिरी पड़ाव में हैं। 67 साल उम्र हो गई है। ना कोई गाड़ी है। नहीं कोई बंगला। साल में दो जोड़ी चप्पल और दो जोड़…

Read more

महज ‘गोदी मीडिया’ तक सीमित नहीं ये

उर्मिलेश/ इसीलिए मैं टीवी चैनलों को ‘गोदी मीडिया’ तक नहीं सीमित रखता. यह एक ख़ास क़िस्म का मीडियापुरम् है! इसमें टीवी चैनलों की दुनिया तो और भी ‘हिन्दू अपर कास्ट अफ़ेयर’ है! (अगर किसी को मेरी बात पर संशय हो तो वह टीवीपुरम् में काम करने वाले, ख़ासकर इसके निर्णयकारी पदों पर आसीन लोगों …

Read more

प्रेस फ्रीडम के मामले में भारत और गिरा

उर्मिलेश/ वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स जारी हो गया. इस बार भारत 180 देशों की सूची में 161 वें स्थान पर पहुंच गया. 2022 के सूचकांक में हम 150 वें स्थान पर थे. यानी भारत 11 अंक नीचे गिरा है. भारत से हमेशा नीचे रहने वाला पाकिस्तान भी इस बार ऊपर हो गया. उसे 150 वें स्थान पर रखा गया है. म्…

Read more

अब कई बडी खबरें, कुछ लोगों के दिमाग से निकलती हैं

उर्मिलेश/ तो बात समझ में आ गई न! अपने 'धारा-प्रवाह कवरेज' से टीवीपुरम ने इसमें कोई संदेह नहीं छोड़ा है! साबित हो चुका कि अब भारत नामक विशाल देश के पास कोई और बड़ी खबर नहीं है. खबर सिर्फ अमृतपाल है.…

Read more

ये है हमारी हिन्दी पत्रकारिता का स्तर

पितृसत्तात्मक जकड़बंदी से बाहर नहीं निकल पाया हिन्दी अख़बार

विनीत कुमार/ प्रो. कुमुद शर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय में सालों से पढ़ा रही हैं. पत्रकारिता के छात्रों के बीच वो बेहद…

Read more

यूट्यूबर जब खुद को पत्रकार समझने लगे तो वो खबर बताते नहीं,बनाने लगते हैं...

अविनाश कुमार / तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर कथित हिंसा की जांच करने गई बिहार सरकार की टीम ने मुख्यमंत्री को दिए अपने रिपोर्ट में कहा कि मामले से संबंधित सोशल मिडिया पर सांझा किए गए सभी वीडियो फर्जी पाए गए हैं। फर्जी पाए गए विडियो और मैसेज के कारण मजदूरों में तनाव और डर फैला। …

Read more

20 blog posts

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;e3113b18b05a1fcb91e81e1ded090b93f24b6abe175;250;cb150097774dfc51c84ab58ee179d7f15df4c524175;250;a6c926dbf8b18aa0e044d0470600e721879f830e175;250;13a1eb9e9492d0c85ecaa22a533a017b03a811f7175;250;2d0bd5e702ba5fbd6cf93c3bb31af4496b739c98175;250;5524ae0861b21601695565e291fc9a46a5aa01a6175;250;3f5d4c2c26b49398cdc34f19140db988cef92c8b175;250;53d28ccf11a5f2258dec2770c24682261b39a58a175;250;d01a50798db92480eb660ab52fc97aeff55267d1175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना