पुस्तक के संपादक हैं पत्रकार प्रो. संजय द्विवेदी
लोकेन्द्र सिंह/ देश में राष्ट्रवाद से जुड़ी बहस इन दिनों चरम पर है। राष्ट्रवाद की स्वीकार्यता बढ़ी है। उसके प्रति लोगों की समझ बढ़ी है। राष्ट्रवाद के प्रति बनाई गई नकारात्मक धारणा टूट रही है। भारत में बुद्धिजीवियों का एक वर्ग ऐसा है, जो हर विषय को …







लोकेन्द्र सिंह मूल रूप से गद्य लेखक हैं। उनके सशक्त समसामयिक आलेख अक्सर हमें पढ़ने मिलते रहते हैं। चूँकि पेशे से पत्रकार हैं इस…




एम. अफसर खां सागर 




