'विश्व खेल पत्रकारिता दिवस' (2 जुलाई) पर विशेष
आयुष/ खींचो न कमानों को, न तलवार निकालो
जब तोप मुक़ाबिल हो ,तो अख़बार निकालो
एक ऐसा दौर,जब हर क्षेत्र में पत्रकारिता ने अपनी पांव जमा रखी है, तब पत्रकारिता का स्वरूप ना केवल भव्य और दिव्य हो जाता है बल्कि पत्रकारों के कंधों पर जिम्मेदारियां और …

