Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

समाप्त हो जाएगा पीआरबी एक्ट 1867

आयेगा आरपीपी एक्ट 2019, पीआरबी एक्ट से प्रिंटिंग प्रेस और अखबारों का होता है नियमन

नई दिल्ली/ डेढ़ सौ साल पुराना प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ बुक्स एक्ट,(पीआरबी एक्ट) 1867 समाप्त हो जाएगा। इसकी जगह लेगा रजिस्ट्रेशन ऑफ प्रेस एंड पेरिओडिकल्स (आरपीपी) बिल 2019। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार पीआरबीएक्ट 1867 को खत्म कर एक नया बिल लाने वाली है. यह बिल रजिस्ट्रेशन ऑफ प्रेस एंड पेरिओडिकल्स बिल 2019 के नाम से जाना जाएगा।  सरकार ने नए बिल पर सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की है।  

उल्लेखनीय है कि पीआरबी एक्ट 1867 से ही अभी तक देश में प्रिंटिंग प्रेस और देश में प्रकाशित होने वाले अखबारों का नियमन होता रहा है। जरूरत के अनुसार इसमें समय-समय पर कई संशोधन भी किए गए। लेकिन अब इसकी जगह पूरी तरह से एक नया बिल लेने जा रहा है। नए बिल का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। विधायकी प्रक्रिया से पहले  नए बिल के ड्राफ्ट में संशोधन के लिए सरकार ने सुझाव मांगे हैं।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक नोटिस जारी कर इसमें रुचि रखने वाले लोगों से सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की है। एक महीने के भीतर इसे खास फॉर्मेट में भरकर jspna-moib@nic.in.मेल आइडी पर भी भेजा जा सकता है, जिसे मंत्रालय के वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;7a01499da12456731dcb026f858719c5f5f76880175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ac66d262fc1ac411d7edd43c93329b0c4217e224175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974175;250;460bb56d8cde4cb9ead2d6bff378ed71b08f245d

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना