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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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वरिष्ठ पत्रकार कमल दीक्षित का निधन

मुख्यमंत्री, आईआईएमसी के महानिदेशक ने जताया दु:ख

भोपाल। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित का आज भोपाल में निधन हो गया। शाम 5.30 बजे उनका देहांत हुआ. वे एक जमीनी पत्रकार तौर पर जाने जाते थे. उन्होंने 1996 से 2003 तक माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के  अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली थी. 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकार गीत दीक्षित के पिता मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कमल दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि स्वर्गीय श्री दीक्षित पत्रकारिता और लेखन के लिए समर्पित रहे। राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान थी।
श्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय श्री दीक्षित अनेक समाचार-पत्रों में संपादकीय सलाहकार और प्रमुख संपादक के रूप में कार्यरत रहे। उनकी ध्येय निष्ठ पत्रकारिता का हमेशा स्मरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री दीक्षित की आत्मा की शांति और शोकाकुल दीक्षित परिवार सहित उनके मित्रों और प्रशंसकों को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना ईश्वर से की है।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने वरिष्ठ पत्रकार कमल दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में श्री दीक्षित का अविस्मरणीय योगदान रहा है। उन्होंने श्री दीक्षित का स्मरण करते हुए बताया कि वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं संचार विभाग के एचओडी रहे। उनके मार्गदर्शन में नई पीढ़ी ने पत्रकारिता का ककहरा सीखा।

उनके निधन पर भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि कमल दीक्षित को पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

प्रो. द्विवेदी के अनुसार कमल दीक्षित का पूरा जीवन मूल्य आधारित पत्रकारिता को समर्पित था और इसके लिए उन्होंने मूल्यानुगत मीडिया अभिक्रम समिति की स्थापना भी की। एक साधारण परिवार से आने वाले कमल दीक्षित ने अपने कठिन परिश्रम, सरल स्वभाव और कुशल संचार कला से पत्रकारिता एवं मीडिया शिक्षण में एक मुकाम हासिल किया। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के वे संस्थापक प्राध्यापक थे और अपने शिक्षण काल में उन्होंने अनेक बेहतरीन पत्रकारों को तैयार किया।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि उनके निधन से मध्य प्रदेश ने एक कुशल संचारक को खो दिया है। इस दु:ख की घड़ी में मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह उनके परिवार एवं पत्रकारिता जगत को इस क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना