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 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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मीडिया कंपनियों ने पहुँचाई मीडिया के सम्‍मान को ठेस : हामिद अंसारी

खबरों के प्रति गंभीरता छोड़कर ताकत, विज्ञापन, ग्‍लैमर, चकाचौंध और पैसे के पीछे भागे

उप राष्‍ट्रपति ने  ‘जर्नलिज्‍म-एथिक्‍स एंड रिस्‍पांसिबिलिटीज’ पुस्‍तक का विमोचन किया

नई दिल्ली। उप राष्‍ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी ने कल वरिष्‍ठ पत्रकार सुश्री सीमा मुस्‍तफा द्वारा संपादित पुस्‍तक ‘जर्नलिज्‍म-एथिक्‍स एंड रिस्‍पांसिबिलिटीज’ का विमोचन किया। समारोह को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि यह पुस्‍तक बिलकुल सही समय पर प्रकाशित हुई है और महत्‍वपूर्ण समसायिक मुद्दों पर प्रकाश डालती है। 

उन्‍होंने कहा ‘पत्रकारिता एक महान पेशा है लेकिन मीडिया कंपनियों के खबरों के प्रति गंभीरता छोड़कर ताकत, विज्ञापन, ग्‍लैमर, चकाचौंध और पैसे के पीछे भागने की वजह से इसके सम्‍मान को ठेस पहुंची है’। 

उप राष्‍ट्रपति ने कहा कि यह एक ऐसा माध्‍मय है जो व्‍यक्ति को सोचने के लिए विवश करता है। लेवेसन रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों से कुछ सबक लिए जा सकते हैं। ब्रिटेन के रॉयल कमीशन ने पिछले 70 वर्षों के दौरान सात बार मीडिया की गतिविधियों की जांच की। 

उप राष्‍ट्रपति ने कहा कि सुधारात्‍मक का मतलब है स्‍वत: सुधारात्‍मक होना और अगर अंतरिक अनुशासन नहीं तो बाह्य सुधार की मदद ली जा सकती है। उन्‍होंने पुस्‍तक के संपादक सुश्री सीमा मुस्‍तफा, प्रकाशक और पुस्‍तक में प्रकाशित लेखों के लेखकों को इस बहुमूल्‍य किताब के लिए बधाई दी। 

इस पुस्‍तक में अपने पेशेवर रवैये और सत्‍यनिष्‍ठा के विख्‍यात वरिष्‍ठ पत्रकारों और दिग्‍गजों ने मीडिया की बहुआयामी भूमिका, उसके समक्ष आने वाली समस्‍याओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्‍होंने काफी विश्‍लेषण के बाद ऐसे सुझाव दिए हैं, जिनकी मदद से मीडिया की विश्‍वसनीयता एक बार फिर कायम की जा सके। पुस्‍तक में मीडिया में बढ़ते निगमीकरण की चुनौती की ओर भी ध्‍यान आकर्षित कराया गया है, जिसकी वजह से मीडिया एक बड़े उद्योग में तबदील हो गयी है और सनसनीखेज एवं पेड न्‍यूज बड़ी समस्‍याओं के रूप में उभरे हैं। 

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना