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 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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महज उपकृत करने के लिए अख़बारों को विज्ञापन

हिंदुस्तान पटना ने फिर छापा समय के बाद सरकारी विज्ञापन

संजय कुमार /बिहार शरीफ/  मीडिया को लोकतंत्र के चौथे खंभे के रूप में जाना जाता है. परंतु , आज प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अपने कर्तव्यों को निर्वाहन सही रूप में नहीं कर पा रही  हैं. वहीं  दूसरी ओर न्यूज़ वेब पोर्टल स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समाचार  पाठकों तक अपने सीमित संसाधन के बूते  सफलतापूर्वक कर रहे हैं . सरकार द्वारा वेब पोर्टल को कोई विज्ञापन नहीं दिया जा रहा है. वही,  दूसरी ओर दैनिक समाचार पत्रों को  इतना विज्ञापन देकर उपकृत किया जाता है कि समय समाप्ति के बाद विज्ञापन छप रहे हैं और सरकार आंख मूंदकर ऐसे उपयोगिता विहीन विज्ञापनों का भुगतान भी कर देती है.

ताजा मामला बिहार की राजधानी पटना से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान के 21 अप्रैल, 2018 के मगध संस्करण के पेज संख्या 11 पर  हाफ  पेज का छपा विज्ञापन है.

भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञापन में कहा गया है .कि अब आठ करोड़ लाभार्थियों के नए लक्ष्य के साथ विस्तातरित'' प्रधानमंत्री उज्जवला योजना"" का राष्ट्रीय शुभारंभ, स्थान -20 अप्रैल, 20018 ,दोपहर -2:30 बजे  ,शांति नायक स्कूल , बहेरी , दरभंगा में होगा .

विज्ञापन में आगे  कहा गया है कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे. इस कार्यक्रम में रामविलास पासवान केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, कौशल विकास और उधमिता मंत्री ,भारत सरकार ,सुशील मोदी, उप -मुख्यमंत्री, बिहार, बिजेंदर  प्रसाद ,ऊर्जा ,उत्पाद शुल्क एवं मद्य निषेध मंत्री ,बिहार उपस्थित रहेंगे.

इस कार्यक्रम में सम्मानित उपस्थित मधुबनी के सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ,दरभंगा के सांसद कीर्ति आजाद तथा समस्तीपुर के सांसद रामचंद्र प्रसाद रहेंगे.

आखिर क्यों नहीं ऐसे एस्पायर विज्ञापन का पैसा भुगतान किया जा रहा है . जनता की गाढ़ी कमाई से वसूली गई टैक्स का पैसा कब तक लुटाया  जाता रहेगा.

बिहार शरीफ, नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना