Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

मनोज कुमार को श्री यशवंत अरगरे हिन्दी पत्रकारिता पुरस्कार

पुरस्कार मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, भोपाल द्वारा दिया जाता है

भोपाल। वरिष्ठ पत्रकार एवं शोध पत्रिका ‘‘समागम’’ के सम्पादक श्री मनोज कुमार को वर्ष 2015 के लिए श्री यशवंत अरगरे हिन्दी पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, भोपाल द्वारा दिया जाता है। सम्मान समारोह हिन्दी भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर को आयोजित है।

श्री मनोज कुमार तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता से संबद्ध हैं। वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय सहित देश के अन्य विश्वविद्यालयों   में अतिथि व्याख्याता के रूप में जुड़े हुए हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय द्वारा फेलोशिप भी दिया जा चुका है।

देशबन्धु समाचार पत्र समूह से पत्रकारिता आरंभ करने वाले श्री मनोज कुमार रेडियो एवं टेलीविजन की पत्रकारिता तथा सोशल मीडिया में लगातार सक्रिय हैं। विगत 15 वर्षों से वे भोपाल से मीडिया एवं सिनेमा की मासिक षोध पत्रिका ‘‘समागम’’ का सम्पादन कर रहे हैं। पत्रकारिता में साक्षात्कार की विधा पर मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा ‘‘साक्षात्कार’’ शीर्षक से किताब का प्रकाशन वर्ष 1995 में किया गया था जिसका द्वितीय संस्करण 2006 में प्रकाशित हुआ। इसके अलावा लेखों के संग्रह के साथ ही उनके द्वारा संपादित तीन किताबें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें भारतीय सिनेमा के सौ साल चर्चित रही है। बहुत जल्द ही कम्युनिटी रेडियो पर उनकी किताब ‘‘कम्युनिटी रेडियो’’ आने वाली है। हिन्दी पत्रकारिता में विषिष्ट योगदान के लिए उन्हें विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, ईषीपुर बिहार द्वारा ‘‘पत्रकार शिरोमणि’’ सम्मान तथा ‘‘विद्यावाचस्पति’’ सम्मान दिया जा चुका है। उन्हें वैश्य  मीडिया फेडरेशन, नईदिल्ली ने भी हिन्दी सेवा के लिए सम्मानित किया है। 

हरीश बाबू की रिपोर्ट  

 

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;7a01499da12456731dcb026f858719c5f5f76880175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ac66d262fc1ac411d7edd43c93329b0c4217e224175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974175;250;460bb56d8cde4cb9ead2d6bff378ed71b08f245d

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना