Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

प्रिंट मीडिया लोगों में जागरूकता पैदा करे कि लोकतंत्र में हिंसा की जगह नहीं:गृह मंत्री

मलयाली दैनिक ‘जन्‍मभूमि’ के कोल्‍लम संस्‍करण को किया लांच

कोल्‍लम / गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की सुरक्षा करने के लिए प्रिंट मीडिया की अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है। कल केरल के कोल्‍लम में मलयाली दैनिक ‘जन्‍मभूमि’ के कोल्‍लम संस्‍करण को लांच करते हुए उन्‍होंने कहा कि जिम्‍मेदार प्रिंट मीडिया को लोगों में जागरूकता पैदा करनी चाहिए कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्‍होंने केरल के मुख्‍यमंत्री श्री पिनाराई विजयन से आग्रह किया है कि वे राज्‍य में राजनीतिक हिंसा से सख्‍ती से निपटें। मंत्री महोदय ने कहा कि अगर आवश्‍यकता हुई, तो केन्‍द्र सरकार सहायता प्रदान करेगी।

राज्‍य में हाल में आई प्रलयंकर बाढ़ का उल्‍लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सरकार केरल के लोगों की कठिनाइयों और पीड़ा को दूर करने के लिए हर तर‍ह की मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने कहा कि सरकार राज्‍य के पुनर्निर्माण और बाढ़ पीडि़तों के पुनर्वास के लिए पूरी सहायता करेगी। उन्‍होंने कहा कि अंतर-मंत्रालयी केन्‍द्रीय दल ने राज्‍य का दौरा पूरा कर लिया है और उसकी रिपोर्ट पर जल्‍द विचार किया जाएगा। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्‍य की फौरी मदद के लिए केन्‍द्र ने 100 करोड़ रुपये और पांच सौ करोड़ रुपये की दो किस्‍तें जारी कर दी हैं। भारत राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जैसी केन्‍द्रीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वह राज्‍य में सड़कों के पुनर्निर्माण में मदद करें। गृह मंत्री ने केरल में आई बाढ़ के दौरान सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मछुआरों की भूमिका की सराहना की।    

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;7a01499da12456731dcb026f858719c5f5f76880175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ac66d262fc1ac411d7edd43c93329b0c4217e224175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974175;250;460bb56d8cde4cb9ead2d6bff378ed71b08f245d

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना