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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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पत्रकारिता के सामने विश्वसनीयता की गंभीर चुनौती: नायडू

रायपुर/ उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने कहा है कि पत्रकारिता के मिशन की बजाय उद्योग का स्वरूप लेने से इसके सामने विश्वसनीयता की गंभीर चुनौती है। श्री नायडू आज यहां कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। यहाँ उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों के दौरान टी.वी. चैनलों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है, प्रौद्योगिकी के विकास के साथ स्मार्ट फोन की मदद से डिजिटल मीडिया हम सबके हाथों में पहुंच चुका है। ऐसे दौर में हमारी जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है। इन आधुनिक सुविधाओं का उपयोग विवेकशीलता के साथ समाज और देश के हित में किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज भी हमारे देश के अनुसूचित जातियों, जनजातियों, महिलाओं और पिछड़े वर्ग के करोड़ों लोगों तक सूचनाएं सही मायने में, सही संदर्भो के साथ और सही समय पर पहुंचाने की आवश्यकता है। यह कार्य करके पत्रकार समरस समाज की स्थापना में अपना योगदान दे सकते है।

श्री नायडू ने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी एक आदर्श पत्रकार के रूप में देश और समाज हित में काम करें और एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें। श्री नायडू ने दीक्षांत समारोह में उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि समाचारों की विश्वसनीयता ही पत्रकारिता और पत्रकारों की पहचान बनाती है। लोकतंत्र में पत्रकारिता सिर्फ समाचार देने का माध्यम ही नही है बल्कि देश और समाज को सही दिशा देना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना