Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

नए नियम से डिजिटल समाचारों के प्रकाशकों पर कुछ दायित्व

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर ने डिजिटल समाचार प्रकाशकों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की

नई दिल्ली/ केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर ने आईटी (मध्यवर्ती संस्थानों के लिए दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 की पृष्ठभूमि में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) के साथ ल बातचीत की। इस अवसर पर इंडिया टुडे, दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया, एबीपी, इनाडु, दैनिक जागरण, लोकमत आदि के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, श्री जावडेकर ने बताया कि नए नियम डिजिटल समाचारों के प्रकाशकों पर कुछ दायित्व डालते हैं। इनमें भारतीय परिषद द्वारा निर्धारित पत्रकारिता के आचरण के नियम और केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम के तहत कार्यक्रम संहिता जैसी आचार संहिताओं का पालन करना शामिल है। इसके अलावा नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए, नियमों में तीन स्तरीय शिकायत समाधान तंत्र उपलब्ध कराया गया है, जिसमें पहले और दूसरे स्तर पर डिजिटल समाचार प्रकाशक व उनके द्वारा गठित स्व नियामकीय संस्थाएं होंगी। डिजिटल समाचार प्रकाशकों को एक सरल प्रपत्र में मंत्रालय को कुछ मूलभूत जानकारियां भी देनी होंगी, जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है और समय-समय पर उन्हें अपने द्वारा कराए गए शिकायत समाधान को सार्वजनिक करने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया और टीवी चैनलों के डिजिटल संस्करण हैं, जिनका कंटेंट काफी हद तक उनके पारम्परिक प्लेटफॉर्म जैसा ही होता है। हालांकि, ऐसा कंटेंट भी होता है जो विशेष रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए होता है। इसके अलावा ऐसी भी कई इकाइयां हैं, जो सिर्फ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हैं। इस क्रम में, नियम डिजिटल मीडिया पर प्रकाशित समाचारों पर लागू होने चाहिए, जिससे उन्हें पारम्परिक मीडिया के स्तर का बनाया जा सके।

नए नियमों का स्वागत करते हुए प्रतिभागियों ने कहा कि टीवी और समाचार प्रिंट मीडिया लंबे समय से केबल टीवी नेटवर्क अधिनियम और प्रेस परिषद अधिनियम के नियमों का पालन करते रहे हैं। इसके अलावा डिजिटल संस्करणों के प्रकाशन के लिए प्रकाशक पारम्परिक प्लेटफॉर्म्स के मौजूदा नियमों का पालन करते हैं। उन्हें लगता है कि उनके साथ उन समाचार प्रकाशकों से अलग व्यवहार करना चाहिए, जो सिर्फ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हैं।

श्री जावडेकर ने अपने विचार रखने के लिए प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया और कहा कि सरकार इन पर विचार करेगी और मीडिया उद्योग के समग्र विकास के लिए इस परामर्श की प्रक्रिया को जारी रखेगी।

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;f5d815536b63996797d6b8e383b02fd9aa6e4c70175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;7a01499da12456731dcb026f858719c5f5f76880175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ac66d262fc1ac411d7edd43c93329b0c4217e224175;250;1549d7fbbceaf71116c7510fe348f01b25b8e746175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974175;250;460bb56d8cde4cb9ead2d6bff378ed71b08f245d

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना