पत्रकारिता सहित, कई क्षेत्रों में बेहतर कार्य के लिए कई विशिष्ट लोग सम्मानित
पटना/ आज आई एम ए हाल के प्रांगण में दिव्य रश्मि मासिक पत्रिका का प्रथम वार्षिकोत्सव मनाया गया । कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर किया । कार्यक्रम का प्रारम्भ अभय मिश्र के द्वारा सरस्वती वन्दना एवं डॉ भवनाथ झा, महाराजा अविनाश कुमार के गाए भजनों से किया गया जिसे सुन श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए । कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ ने किया , विशिस्ट अतिथि के तौर पर डॉ नागेन्द्र पाठक , श्री श्रीनाथ मिश्र, एवं श्री सुरेश दत्त मिश्र उपस्थित थे । वार्षिकोत्सव के अवसर पर संस्था ने साहित्य, खेल, शिक्षा, समाजसेवा, अध्यात्म, एवं न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करनेवाले विशिष्ट लोगो को सम्मानित किया ।
दिव्य रश्मि सम्मान से सम्मानित प्रतिभाओं में शिक्षाविद डॉ अमरदीप झा गौतम को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान के लिए, साहित्य के क्षेत्र में डॉ सुमेधा पाठक , श्री सुबंश पाण्डेय, श्री राम कृष्ण मिश्र, डॉ भवनाथ झा, डॉ सच्चिदा कुमार प्रेमी, चिकित्सा के क्षेत्र से डॉ उमाकांत पाठक, प्रशिद्ध हड्डी रोग चिकित्श्क डॉ राजीव भट्ट एवं डॉ वेंकटेश तिवारी, सामाजिक क्षेत्रो में बेहतर योगदान के लिए नर्मदा की अध्यक्षा डॉ मंजू पाण्डेय, एवं चन्दन राज को संगीत के क्षेत्र में बिहार का नाम रौशन करनेवाले प्रदीप मेहता को उनके विशिष्ट योगदान के लिए अध्यात्म के क्षेत्र से श्री प्रेम बाबा, पत्रकारिता जगत से युवा सम्पादक आई नेक्स्ट के सम्पादक श्री अश्वनी पाण्डेय , हिंदुस्तान के रिपोर्टर श्री कौशलेन्द्र मिश्र एवं वरिष्ट पत्रकार श्री एस एम श्याम को न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ अजीत कुमार पाठक, श्री गजानंद मिश्र, श्री महाराजा अविनाश कुमार, सेवानिवृत जज श्री रमेश चन्द्र मिश्र, अध्यात्म के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए श्री प्रेम बाबा को, खेल के क्षेत्र में युवा क्रिकेटरों आशीष कुमार मिश्र एवं विकास आनंद को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ जगन्नाथ मिश्र ने कहा कि बिहार में अपने आप में अकेली पत्रिका है दिव्य रश्मि हमने इस में इसके नाम के अनुरूप काम को देखा है। डॉ अनिल सुलभ ने कहाकि शिक्षा और अध्य्तं का अनूठा जोड़ है दिव्य रश्मि और इसने आज जिन – जिन क्षेत्रो से लोगो को सम्मानित किया है वो सभी व्यक्ति निश्चित ही सम्मान के लायक थे। सभी साहित्यकारों का चयन अपने आप में अनूठा था इनलोगों को मुझसे सम्मानित करा कर संस्था ने मेरा मान बढ़ाया है। डॉ अजीत पाठक ने कहा कि मेरे पास दिव्य रश्मि के सभी अंक मौजूद है और सभी अंको को जितना पढ़ा जाए उतना नया दीखता है । डॉ नागेन्द्र पाठक ने बताया की वर्तमान समय में बिहार में जितनी पत्र पत्रिका उपलव्ध है उन सब से अनूठा है दिव्य रश्मि, श्री श्रीनाथ मिश्र ने कहा की ज्ञान की आँखे खोलने का दूसरा नाम है दिव्य रश्मि सुरेश दत्त मिश्र ने कहा कि सम्पादक मंडल के जोश का परिणाम है दिव्य रश्मि इसके सभी सदस्य युवा है पर उनकी सोच और लेख को देख कर लगता है कितने दिनों से पत्रकारिता से जुड़े है मै उन्हें आशीर्वाद देता हूँ कि आनेवाले समय में वो अपना १०० वाँ वर्षगाठ मनाए । इस कार्यक्रम में अन्य लोगो में संस्था की अध्यक्ष सुनीता पाण्डेय, कोषाध्यक्ष सच्चिदा नन्द पाण्डेय, पत्रिका के उप-सम्पादक आशुतोष पाठक, राजीव कुमार झा, सदस्यों में राजीव सिंह, विजय कुमार, स्वेता कुमारी, अर्पणा मिश्रा, परशुराम पाठक, विन्देश्वरी मिश्र, राजेश पाठक, राकेश मिश्र, संतोष शुक्ल, मधुमती शुक्ल, सुनीता पाण्डेय, कौशलेन्द्र मिश्र, मुकेश मिश्र, चन्दन पाठक , संजीव मिश्र , दिवाकर पाठक, कुंदन मिश्र, राकेश मिश्र , श्रीनिवाश सिंह, राजकिशोर सिंह , भोला झा, अजित कुमार सिन्हा, रामनरेश चौधरी, वागीश दत्त पाण्डेय, हरेन्द्र पाण्डेय ,आशुतोष पाठक योगेन्द्र कुमार , विपिन कुमार सिंह, विजय शुक्ला , रमेश चौबे, अभय कुमार, आदित्य कुमार, श्याम पुकार सिंह, सुरेश दत्त मिश्र, शशिकांत मिश्र, चन्द्रशेखर पाठक, राजकिशोर सिंह कुशवाहा , संजय मिश्र, उमा कान्त मिश्र, कुमार ओंकार शक्ति, गोविन्द कुमार पाण्डेय, कबीर खुराना, राजी कुमार सिंह, संजीव मिश्र, योगेश शुक्ल , अजय दुबे, मुकेश कुमार मिश्र , पुरुषोतम कुमार आदि उपस्थित थे ।