Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

जनसंचार विभाग के अध्यक्ष बने डॉ. चौबे

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के शिक्षकों ने किया स्वागत

वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृपाशंकर चौबे को अध्यक्ष बनने पर विभाग के सभी शिक्षकों ने शाल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में डॉ. चौबे सन् 2009 में रीडर बनकर आए थे। इस मौके पर जनसंचार विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार राय, सहायक प्रोफेसर डॉ. धरवेश कठेरिया, डॉ. अख्तर आलम, संदीप वर्मा, राजेश लेहकपुरे और अंजनी राय उपस्थित रहे।

अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करते हुए डा. चौबे ने कहा कि वे विभाग में अपने पूर्ववर्ती अध्यक्षों- डॉ. धरवेश कठेरिया एवं प्रो. अनिल के राय अंकित की परंपरा को समृद्ध करने की कोशिश करेंगे। उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता विद्यार्थियों में संवाद का कौशल विकसित करना होगी। अकादमिक जगत में कदम रखने से पूर्व डॉ. चौबे देश के प्रतिष्ठित अखबार जनसत्ता, आज, स्वतंत्र भारत, सन्मार्ग, प्रभात खबर, सहारा समय और हिंदुस्तान में लंबे समय तक जुड़े रहे। अकादमिक जगत से जुड़ने के बाद वे देश के प्रमुख अखबारों में स्तंभ लिखते हैं। 

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;7a01499da12456731dcb026f858719c5f5f76880175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ac66d262fc1ac411d7edd43c93329b0c4217e224175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974175;250;460bb56d8cde4cb9ead2d6bff378ed71b08f245d

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना