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कॉरपोरेट संचार के क्षेत्र में आगे असीम संभावनाएं: प्रो. आतिश पाराशर

मोतिहारी के मगाकेंवि के मीडिया अध्ययन विभाग की ओर से ई-गुरुमंत्र ज्ञान शृंखला की पांचवी कड़ी का हुआ आयोजन, प्रसिद्ध संचारविद प्रो.अतीश पाराशर ने विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन

मोतिहारी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विवि के छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष सह मीडिया विभागाध्यक्ष प्रो. अतीश पाराशर ने कहा है कि जनसंपर्क विशेषकर कॉरपोरेट संचार के क्षेत्र में चुनौतियां हैं तो असीम संभावनाएं भी हैं। इसका दायरा केवल कंपनी के लाभ या छवि निर्माण तक सीमित नहीं है, यह प्रमुखतः संकट का ऐसा प्रबंधन है जहां सच बोल नहीं सकते जबकि झूठ बोलने की मनाही है। सच्चाई को इस रूप में अभिव्यक्त करना जिससे संस्थान का हित सर्वोपरि रहे और लोगों तक सही सूचना भी जाए। संचार के विद्यार्थियों को इसकी कला विकसित करनी होगी।

वे महात्मा गांधी केंद्रीय विवि मोतिहारी के मीडिया अध्ययन विभाग की ओर से आयोजित गुरुमंत्र शृंखला की पांचवी कड़ी में कॉरपोरेट संचारः व्यावहारिक अनुप्रयोग और भविष्य की संभावनाएं विषय पर विद्यार्थियों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि यह क्राइसिस मैनेजमेंट से जुड़ा प्रकल्प भी है। अलग-अलग कंपनियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कंपनियों को आगे इस पर बहुत ध्यान देना होगा। इसी में संचार से जुड़े लोगों के लिए अवसर भी है इसलिए संचार के विद्यार्थियों को इससे जुड़े प्रसंगों पर गहरी नजर रखते हुए कारपोरेट संचार के सिद्धांतों से जुड़ी बातों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। टाटा के साथ मारुति, मैग्गी, कैडबरी और नेस्ले के साथ अन्य कंपनियों का उदाहरण देते हुए इस क्षेत्र की चुनौतियों और अवसरों के बारे में छात्रों को उन्होंने विस्तार से बताया। कनाडा की हेलिकल एयरलाइन्स और कैडबरी के डेयरी मिल्क से जुड़ी केस स्टडी के जरिए उन्होंने विद्यार्थियों को क्राइसिस मैनेजमेंट के टूल के रूप में इसके महत्व को विस्तार से रेखांकित किया। कहा कि आगे इस क्षेत्र में प्रशिक्षित लोगों की बहुत मांग होने वाली है इसलिए विद्यार्थियों की सतर्कता उन्हें इस क्षेत्र का विशेषज्ञ बनाएगी।

संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने उनसे कई प्रश्न किए जिसका उन्होंने सम्यक उत्तर देते हुए संचार के विविध प्रारूपों और सिद्धांतों के गंभीरता से अध्ययन की जरूरत पर बल दिया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में अनुप्रयोग, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रो.विकास पारीक ने कहा कि कुलपति जी की प्रेरणा से विश्वविद्यालय कोरोना काल में लगातार ऐसे आयोजन कर रहा है। ऐसे आयोजन में मीडिया अध्ययन विभाग की सक्रियता और उल्लेखनीय है। प्रो.पारीक ने कहा कि बच्चों के साथ संवाद और अपने उद्बोधन से प्रो.आतिश पाराशर ने साबित किया है कि वे अच्छे संचारविद हैं। बच्चों को उनके सुझावों पर ध्यान देते हुए खुद को इस विषय में पारंगत बनाना चाहिए।  

स्वागत वक्तव्य एवं विषय प्रवेश कराते हुए विभागाध्यक्ष डा.प्रशांत कुमार ने कहा कि विभाग अपने विद्यार्थियों के लिए गुरुमंत्र शृंखला का आयोजन कर रहा है जिसकी यह पांचवी कड़ी कॉरपोरेट संचार की चुनौतियों और संभावनाओं पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण और संभावनाओँ वाला विषय है।

इससे पूर्व कार्यक्रम आयोजन सचिव एवं संचालक डा.परमात्मा कुमार मिश्र ने कारपोरेट संचार के विविध पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य अतिथि और विभाग के डीन सहित अन्य आगंतुकों का आभार डा.सुनील दीपक घोडके ने व्यक्त किया। इस अवसर पर गुरुमंत्र शृंखला के संयोजक डा.साकेत रमण, सह-आचार्य एवं आयोजन समिति के सदस्य डा.अंजनी कुमार झा और डा. उमा यादव सहित विभाग के शोधार्थी-विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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सम्पादक

डॉ. लीना