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एफएम रेडियो से समाचार प्रसारण पर गंभीरता से विचार

चौबीसे घंटे चैनलों पर समाचार का प्रसारण हो सकता है,एफएम रेडियो पर क्यों नहीं : जावड़ेकर

नयी दिल्ली। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज कहा कि सरकार सामुदायिक रेडियो को बढ़ावा देने के साथ ही एफएम रेडियो से समाचार प्रसारित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।  श्री जावड़ेकर ने नई दिल्ली में गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ "सीआईआई" द्वारा आयोजित मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग के प्रमुखों के गोलमेज सम्मेलन में कहा कि उनकी सरकार मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग को बढावा देगी।

 सूचना और प्रसारण मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय से जुड़ी फाइलों का चार सप्ताह के भीतर निपटारा किया जायेगा और केन्द्र सरकार निर्धारित समय पर सभी पक्षों से विचार विर्मश कर पारर्दशिता के साथ इस उद्योग से जुडे निर्णय लेगी। श्री जावड़ेकर ने कहा कि देश में प्रेस की आजादी को अक्षुण्ण रखा जायेगा लेकिन स्वतंत्रता जिम्मेदारी के साथ आती है। स्वतंत्रता से पहले और आपातकाल में देश में प्रेस पर बंदिशें लगी थीं। उन्होंने मीडिया हाउसों के प्रमुखों से कहा कि देश में स्थायी नीति होगी। पारर्दशिता के साथ ही निर्धारित समय पर काम किये जायेंगे। समाचार चैनलों ने स्व नियमन की प्रक्रिया अपनायी है और इसी तरह की व्यवस्था विज्ञापन उद्योग के लिए भी होना चाहिए। फिल्मो का वर्गीकरण किया जाता है लेकिन विज्ञापनों में ऐसा नहीं किया जा सकता है क्योंकि इसका प्रसारण टेलीविजनों पर होता है।     

मंत्री ने कहा कि जहां चौबीसे घंटे चैनलों पर समाचार का प्रसारण हो सकता है. एफएम रेडियो पर समाचार का प्रसारण क्यों नहीं किया जा सकता है। हांलाकि एफएम रेडियो स्टेशनों के समाचार के स्रोत का सवाल है तो इसके लिए कुछ विकल्प हो सकते हैं। 

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना