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आरएसएस प्रमुख का भाषण दिखाना दूरदर्शन का निर्णय

सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इसमें सरकार की भूमिका से किया इंकार

मुंबई। सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत द्वारा नागपुर में दशहरा रैली में दिये गये भाषण का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण दिखाए जाने के संबंध में दूरदर्शन ने स्वयं निर्णय लिया था। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। श्री भागवत के भाषण का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण दिखाए का विपक्षी नेताओं ने आलोचना की है।

श्री जावडेकर ने कहा कि श्री भागवत के भाषण में समाचार का महत्व था जिसके कारण निजी चैनल और दूरदर्शन ने इसे दिखाया है। उन्होंने कहा कि प्रसार भारती किसी भी समाचार को दिखाने का निर्णय स्वयं लेती है।  

श्री जावडेकर ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों को पहले क्यों नहीं दिखाया गया। उन्होंने कहा कि शायद पहले की सरकारों ने इस तरह के कार्यक्रमों को  दिखाने के लिए रोक लगा रखी रही होगी जबकि मुझे इसमें योग्य समाचार दिखता है। उन्होंने कहा कि सत्य यह है कि देश की अधिकांश जनता आरएसएस प्रमुख को सुनना और देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्ष में केन्द्र सरकार ने कभी भी उनके भाषणों को दिखाने नहीं दिया।

राजनीतिज्ञों द्वारा दूरर्दशन का दुरूपयोग किये जाने के आरोप पर श्री जावडेकर ने कहा कि जब विपक्षी नेताओं का भाषण दूरर्दशन पर दिखाया जाता है तो कोई एतराज नहीं करता लेकिन श्री भागवत के भाषण के एक घंटे के बाद अनावश्यक नाराजगी दिखायी जा रही है।

गौरतलब है कि कल दूरदर्शन पर श्री भागवत का भाषण दिखाया गया उसके बाद ही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों के नेताओं ने मोदी सरकार पर “खतरनाक परंपरा” शुरू करने का आरोप लगाया।

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना