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 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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अवैध है तारा न्यूज और तारा म्युजिक का अधिग्रहण!

टीवी चैनलों की लाइसेंसिंग प्रणाली के खिलाफ है यह कदम

किसी राज्य सरकार को अपना टेलीविजन चैनल चलाने का अधिकार नहीं है

एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास​ / बिना कानूनी प्रावधान के तारा न्यूज और तारा म्युजिक चैनल का अधिग्रहण करने का मुख्यमंत्री का दांव फेल हो गया। केंद्रीय सूचना और प्रसारण ​​मंत्रालय ने साफ साफ बता दिया है कि मौजूदा प्रावधानों के मुताबिक ऐसा नहीं हो सकता और इस तरह का अधिग्रहण अवैध है। यह अदालती फैसला नहीं है। अदालत तक मामला पहुंचने से पहले ही केंद्र सरकार ने लाल झंडी दिखा दी। ट्राई भी ऐसी इजाजत नहीं देता। अब क्या करेंगी दीदी ?

केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने साफ साफ कह दिया कि टीवी चैनलों की लाइसेंसिंग प्रणाली के खिलाफ है यह कदम। किसी राज्य सरकार को अपना टेलीविजन चैनल चलाने का अधिकार नहीं है। चलिए, दीदी को केद्र के खिलाफ एक और मुद्दा मिल गया।

पश्चिम बंगाल सरकार ने शारदा समूह के दो टेलीविज़न चैनलों को अपने हाथ में लेने का गुरुवार को निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस संबंध में घोषणा करते हुए रायटर्स बिल्डिंग में संवाददाताओं को बताया कि यह फैसला तारा न्यूज और तारा म्युजिक चैनलों के कर्मचारियों के सरकारी हस्तक्षेप की मांग के बाद किया गया है। उन्होंने बताया कि चैनल के 168 कर्मचारियों को प्रति माह 16000 रुपये अनुग्रह राशि की अदायगी की जाएगी। राज्य सरकार चैनलों को चलाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष के 26 लाख रुपए मुहैया कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि सरकार चैनलों के ऋणों की जिम्मेदारी नहीं लेगी, जो कि छह करोड़ रुपये है। हालांकि दीदी खुद मानती है कि सरकार की ओर से मीडिया अधिग्रहण का कोई कानूनी आधार नहीं है। इसीलिए उन्होंने इस सिलसिले में कानून भी बनाने की घोषणा की हुई है।

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सम्पादक

डॉ. लीना