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विश्व में 52 प्रतिशत कृषि भूमि की स्थिति खराब

प्रकृति को बचाने के लिए मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी :प्रो. शान्डिल्य, कालेज आफ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइंस पटना में मिट्टी संरक्षण विषय पर व्याख्यान

पटना/ कालेज आफ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइंस पटना में शुक्रवार को आईक्यूएसी और इशा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मिट्टी संरक्षण विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का उद्घाटन करते हुए प्रिंसिपल प्रो तपन कुमार शान्डिल्य ने कहा प्रकृति को बचाए रखने के लिए अभी सब महत्वपूर्ण मुद्दा मिट्टी का संरक्षण है। उन्होंने कहा कि अगर हम ने मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने का प्रयास अभी से नहीं किया तो यह धरती इंसानों के रहने योग्य नहीं रह जाएगी। उन्होंने कहा कि भूवैज्ञानिकों के अनुसार विश्व की बावन प्रतिशत कृषि भूमि पहले ही खराब हो चुकी है। उन्होंने मानव कल्याण के लिए जल भूमि और हरियाली के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।

इस दौरान छात्रों को लघु फिल्म के माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला गया।  व्याख्यान में नैक के समन्वयक प्रो संतोष कुमार, प्रो. कीर्ति, प्रो. रश्मि अखौरी, प्रो. सलोनी कुमार, इशा फाउंडेशन के भास्कर घोष और अभिनव समेत कई शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किए। मंच का संचालन डॉ. सांत्वना रानी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ विद्या यादव ने किया। व्याख्यान में बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

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सम्पादक

डॉ. लीना