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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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बृजलाल द्विवेदी स्मृति पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत किए जाएंगे अरुण तिवारी

3 फरवरी, 2019 को ‘मीडिया विमर्श’ के आयोजन में होंगे सम्मानित 

भोपाल। हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता को सम्मानित किए जाने के लिए दिया जाने वाला पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान इस वर्ष ‘प्रेरणा’ (भोपाल) के संपादक श्री अरुण तिवारी  को दिया जाएगा। श्री तिवारी का सम्मान समारोह 3 फरवरी, 2019 को गांधी भवन,भोपाल में दिन में 11 बजेआयोजित किया गया है। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार डा. हिमांशु द्विवेदी होंगे तथा अध्यक्षता प्रख्यात समालोचक डा. विजय बहादुर सिंह करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के रूप में कथाकार श्री मुकेश वर्मा, विशिष्ट अतिथि के नाते व्यंग्यकार श्री गिरीश पंकज और एटीजी मीडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री अरविंद तिवारी मौजूद रहेगें।

श्री अरुण तिवारी  साहित्यिक पत्रकारिता के एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर होने के साथ-साथ संस्कृतिकर्मी,कवि एवं लेखक भी हैं। 21 वर्षों से वे समकालीन लेखन को समर्पित साहित्यिक पत्रिका ‘प्रेरणा’ का संपादन कर रहे हैं। मीडिया विमर्श पत्रिका के कार्यकारी संपादक प्रो. संजय द्विवेदी ने बताया कि आयोजन में अनेक साहित्यकार, बुद्धिजीवी, पत्रकार और मीडिया विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। पुरस्कार के निर्णायक मंडल में सर्वश्री विश्वनाथ सचदेव (पूर्व संपादकः नवभारत टाइम्स, मुंबई),  रमेश नैयर (पूर्व निदेशकः छत्तीसगढ़ हिंदी ग्रंथ अकादमी, रायपुर), तथा डा. सच्चिदानंद जोशी( सदस्य सचिवः इंदिरा गांधी कला केंद्र,दिल्ली) शामिल हैं।

इसके पूर्व यह सम्मान वीणा(इंदौर) के संपादक स्व. श्यामसुंदर व्यास, दस्तावेज (गोरखपुर) के संपादक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, कथादेश (दिल्ली) के संपादक हरिनारायण, अक्सर (जयपुर) के संपादक डा. हेतु भारद्वाज, सद्भावना दर्पण (रायपुर) के संपादक गिरीश पंकज, व्यंग्य यात्रा (दिल्ली) के संपादक डा. प्रेम जनमेजय,कला समय (भोपाल) के संपादक विनय उपाध्याय, संवेद (दिल्ली) के संपादक किशन कालजयी, अक्षरा (भोपाल) के संपादक कैलाशचंद्र पंत, अलाव (दिल्ली) के संपादक रामकुमार कृषक को दिया जा चुका है।सम्मान का यह ग्यारहवां वर्ष है। त्रैमासिक पत्रिका ‘मीडिया विमर्श’ द्वारा प्रारंभ किए गए इस अखिल भारतीय सम्मान के तहत साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान करने वाले संपादक को ग्यारह हजार रुपए, शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और सम्मान पत्र से अलंकृत किया जाता है।  

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना