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जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते हैं: शांडिल्य

महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी होगा जब वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगीं

पटना/ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कालेज आफॅ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइंस पटना में सोमवार को " महिला नेतृत्व : कोविड 19 की दुनिया में एक समान भविष्य को प्राप्त करना " विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का आयोजन अर्थशास्त्र विभाग, इतिहास विभाग और आईक्यूएसी ने संयुक्त रूप से किया था। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पटना विश्वविद्यालय समाज विज्ञान की पूर्व डीन प्रो. भारती एस कुमार ने समाज को हिंसा मुक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं में नेतृत्व की अपार क्षमता होती है जिसका बेहतरीन उदाहरण दरभंगा की ज्योति कुमारी है जिसने कोविड 19 के दौरान अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए दिल्ली से साइकिल पर अपने बीमार पिता को दरभंगा लाने का निर्णय लिया और सफलतापूर्वक दरभंगा पहुंच गई।

पटना विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. शेफाली राय ने कहा कि कि आज विश्व के हर कोने में महिलाओं ने खुद को एक बेहतर नेता के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इसका सब से बेहतरीन उदाहरण वह महिलाएं हैं जो ब्रिटेन, जर्मनी, बंगलादेश, थाईवान और नार्वे जैसे देशों का सफल नेतृत्व कर रही हैं।

अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रधानाचार्य प्रो. तपन कुमार शान्डिल्य ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी होगा जब वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगीं। उन्होंने कहा कि जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते ।उन्होंने महिलाओं को समान अधिकार, समान अवसर और ससम्मान स्वतंत्रता का पूर्ण अधिकार की वकालत की।

इस से पहले इतिहास विभाग के प्रो. राजीव रंजन ने अतिथियों का स्वागत किया। जन्तु विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. बिन्दु सिंह ने बिषय प्रवेश कराया जबकि अर्थशास्त्र की विभागाध्यक्ष प्रो. रश्मि अखौरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संगोष्ठी में अन्य लोगों के अलावा प्रो. उमेश प्रसाद, बरसर प्रो. मनोज कुमार, प्रो. विपिन कुमार, प्रो. बी सी राय, प्रो. कीर्ति, प्रो. मंगला रानी, प्रो. सलोनी कुमार, प्रो पद्मिनी प्रसाद,प्रो. के. बी. पद्म देव, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. रचना सूचिनमइ, डॉ. मुनव्वर फ़ज़ल,प्रो. कुमार चंद्रदीप , डॉ. संगीता सिंहा, डॉ. मंजू कुमारी, डॉ. रश्मि समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र - छात्राएं उपस्थित थे।

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सम्पादक

डॉ. लीना