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 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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कोविड-19 से जान गंवाने वाले 16 पत्रकारों के परिवारों को सरकारी सहायता मिलेगी

सरकार ने पत्रकार कल्याण योजना के तहत 7 पत्रकारों के साथ-साथ 35 पत्रकारों के परिवारों के लिए सहायता स्वीकृत की

नई दिल्ली/ केंद्र सरकार ने अपनी जान गंवाने वाले 35 पत्रकारों के परिवारों को वित्तीय राहत प्रदान करने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री अपूर्व चंद्रा की अध्यक्षता में पत्रकार कल्याण योजना …

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समाज और संस्कृति का विमर्श है 'शुक्रवार संवाद': प्रो. सुरेश

आईआईएमसी द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'शुक्रवार संवाद' का माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति ने किया विमोचन

नई दिल्ली। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'शुक्रवार संवाद' का विमोचन …

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आईआईएमसी फिर देश का सर्वश्रेष्ठ मीडिया शिक्षण संस्थान

इंडिया टुडे के 'बेस्ट कॉलेज सर्वे' में मिला पहला स्थान

नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित पत्रिका इंडिया टुडे के 'बेस्ट कॉलेज सर्वे' में भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली को पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ मीडिया शिक्षण संस्थान घोषित किया गया है।…

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आईआईएमसी में प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी

अब 4 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

नई दिल्ली। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) में पांच पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 18 जून से बढ़ाकर 4 जुलाई कर दी गई है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट https://cuet.nta.nic.in/ पर उपलब्ध हैं।…

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पत्रकारिता से कई अपेक्षा रखती डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' की पुस्तक 'पत्रकारिता और अपेक्षाएँ"

अनिता दीपक शर्मा / डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' की पुस्तक 'पत्रकारिता और अपेक्षाएँ' अपने नाम को सार्थक करने के साथ-साथ पाठकों की अपेक्षाओं पर भी पूरी तरह खरी उतरी है। लेखन से ज्ञात हुआ कि पत्रकारिता का इतिहास और आज के समय की पत्रकारिता में ज़मीन-आसमान का अंतर आ चुका है। आज के समय में निष्पक्ष पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।वाकई यह पाञ्चजन्य शंखनाद के ही समान है। सांस्कृतिक अखण्डता, परम्पराएँ, राजनैतिक और आध्यात्मिक अस्तित्व और राष्ट्रीयता की संवाहक, संरक्षक, संपोषक भारतीय…

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का मीडिया को एडवायजरी

ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा देने वाले विज्ञापन से बचें

नई दिल्ली/  सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को चेतावनी जारी की है, जिसमें ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफार्मों के विज्ञापन से बचने के लिए कहा गया है।प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और ऑनलाइन मीडिया में ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों/प्लेटफार्मों के विज्ञापनों के अनेक मामले पाए जाने के बाद यह चेतावनी जारी की गई ह…

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पत्रकारिता में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स में नामांकन प्रक्रिया शुरू

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई कालेज आफॅ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइंस, पटना में फार्म 25 जून तक भरे जा सकेंगे

पटना/ पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग कालेज आफॅ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइंस पटना में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स में नामांकन फार्म भरने की अंतिम तिथि 25 जून निर्धारित की गई है। इच्छुक छात्र /छ…

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एक राष्ट्रवादी पत्रकार का यूं चले जाना!

सतीश पेडणेकरः स्मृति शेष

निरंजन परिहार/ आईएसआईएस की कुत्सित कामवृत्ति, दुर्दांत दानवी दीवानगी और बर्बर बंदिशों की बखिया उधेड़ता इस्लामिक स्टेट की असलियत से अंतर्मन को उद्वेलित कर देने वाला  लेखा-जोखा दुनिया के सामने रखनेवाले पत्रकार सतीश पेडणेकर संसार को सदा के लिए छोडकर निकल गए। तीन दशक तक जनसत्ता में रहे सतीशजी का अचानक चले जाना यूं तो कोई बहुत बड़ी खबर नहीं, लेकिन स्मृतियों की मीमांसा और मंजुषा कहे जाने वाले मनुष्य की मौत जब…

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'मीडिया में है नए स्टार्टअप्स की जरुरत':हरिवंश

आईआईएमसी के 54वें दीक्षांत समारोह में बोले राज्यसभा के उपसभापति

नई दिल्ली। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के 54वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि नॉलेज ऐरा में शिक्षा पर सभी का हक है। शिक्षा के माध्यम से आप न केवल अपने जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकते हैं। इस अवसर पर सूचना एवं प्…

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एमजीसीयूबी के मीडिया अध्ययन विभाग में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ

पीजी पाठ्यक्रम के लिए 18 जून तक कर सकते हैं आवेदन

मोतिहारी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयूबी), मोतिहारी में विभिन्न स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों सहित मीडिया अध्ययन विभाग में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए आयोजित इस प्रकिया में आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 18 जून, 2022 है। प्रवेश परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वार…

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सम्पादक

डॉ. लीना


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'सकारात्मक मीडिया' से होगा 'स्वर्णिम भारत' का निर्माण: प्रो. द्विवेदी

'पत्रकारों के तनाव प्रबंधन' पर ब्रह्माकुमारीज ने किया संगोष्ठी का आयोजन

नोएडा। …

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पत्रकारिता की शक्ति को बताने वाली दस्तावेजी पुस्तक है ‘रतौना आन्दोलन : हिन्दू-मुस्लिम एकता का सेतुबंध’

लाजपत आहूजा के संपादन में इस पुस्तक को लिखा है, लेखक लोकेन्द्र सिंह, दीपक चौकसे और परेश उपाध्याय ने…

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सोशल मीडिया से --

हर अखबार लगभग एक जैसा खराब है!

विष्णु नागर। जिंदगी भर हिंदी पत्रकारिता की। हिंदी अखबारों का आज का मानसिक दिवालियापन, सरकार की जीहुजूरी, हिंदुत्व का प्रोपेगैंडा और हिंदी को विकलांग बनाने की साजिश सी इस भाषा के अखबारों तथा टीवी चैनलों पर दिखाई पड़ती है, वह व्यथित करती है। गोदी चैनल तो दिनरात नफरत की मशीनगन बने …

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पत्रकार की हत्या

भोज खाकर आ रहे सुभाष की गोली मारकर हत्या

बेगूसराय/  शुक्रवार की रात बेखौफ अपराधियों ने एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी. घटना बखरी थाना क्षेत्र के सांखू गांव की है. मृतक पत्रकार की पहचान सांखू गांव निवासी सुभा…

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आलेख- ख़बरें और भी हैं

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आपकी उपस्थिती

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बहस--

नामवर की मानसिकता और पिछड़ों के नामवर

कैलाश दहिया/ हिंदी साहित्य में आजकल एक चलन हो गया है, अगर कोई पुरस्कार लेना हो या नाम कमाना हो तो डॉ. धर्मवीर का विरोध करना शुरू कर दो। दलितों के साथ-साथ पिछड़ों में भी यह प्रथा पि…

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पुरालेख--

पत्रिकाएँ--

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पत्रकारिता : एक नजर

वेब पत्रकारिता का चमकता भविष्य

अर्पण जैन "अविचल"/  सूचना और संचार क्रांति के दौर में आज प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के बीच वेब पत्रकारिता का चलन तेजी से बढ़ा है और अपनी पहचान बना ली है. अखबारों की तरह बेव पत्र और पत्रिकाओं का जाल, अंतरजाल पर पूरी तरह बिछ चुका है. छोटे-बड़े हर शहर से अमूमन बेव पत्रकारिता संचालित हो रही है. छोटे-बड़े सभी शहरों के प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया भी वेब पर हैं. इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत में थोड़े ही समय मे…

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राष्ट्रीय सुर्खियां--

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