पाली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद राजस्थान ,कल्पवृक्ष साहित्य सेवा संस्थान एवं वंदेमातरम् शिक्षण समूह पाली के संयुक्त तत्वावधान में पं. विष्णुप्रसाद चतुर्वेदी समृति द्वितीय राष्ट्रीय व्याख्यानमाला एवं साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन पाली में संपन्न हुआ। इस मौके पर भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) …
Blog posts September 2024
'मीडिया गुरु सम्मान' से अलंकृत हुए प्रो. द्विवेदी
दो दिवसीय युवा उत्सव सम्पन्न
दो दर्जन से ज्यादा प्रतिभागियों को मिला राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का टिकट, WJAI के राष्ट्रीय महासचिव डॉ० अमित रंजन भी सारण जिला स्तरीय युवा उत्सव के नाटक के निर्णायक के रुप में हुए सम्मानित
छपरा/ शहर के भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय युवा महोत्सव में विभिन्न विधाओं के क…
सकारात्मक खबरों को बढ़ावा देने से ही समाज स्वस्थ और सुखी होगा: डॉ. मुरुगन
राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन का केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन, मुख्य प्रसाशिका दादी रतन मोहिनी, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, पूर्व कुलपति डॉ. मान सिंह परमार और ब्रह्माकुमारीज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया शुभारंभ, भारत सहित नेपाल से एक हजार से अधिक पत्रकार, स…
हासा-भासा की लूट की राजनीति से प्रेरित है विमर्श का विषय
‘रेणु आ मैथिली’ विषयक सेमिनार को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नाम रेणु साहित्य के अध्येता ‘अनंत’ का खुला पत्र
मंडल पर कमंडल का हमला, खलनायक कौन है ?
समाजवाद पर ब्राहम्णवाद का हमला खलनायक कौन है ?
साहित्य अकादमी दिल्ली और भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वव…
राष्ट्रीय मीडिया गुरु सम्मान से अलंकृत किए जाएंगे प्रो.संजय द्विवेदी
पाली। कल्पवृक्ष साहित्य सेवा संस्थान, पाली (राजस्थान) द्वारा शिक्षाविद् पं. विष्णुप्रसाद चतुर्वेदी स्मृति द्वितीय राष्ट्रीय व्याख्यान माला एवं साहित्यकार सम्मान समारोह आगामी 29 सितंबर को वंदेमातरम एकेडमी ,पाली में आयोजित किया गया है। संस्थान अध्यक्ष पवन पाण्डेय एवं संयोजक राजेन्द्र सिंह भाटी ने बताय…
तीन श्रेष्ठ कवियों की पत्रकारिता का आकलन
कृपाशंकर चौबे/ हिंदी के तमाम मूर्धन्य संपादक पत्रकारिता के किसी संस्थान या विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित नहीं थे। किंतु वे अपने आप में प्रशिक्षण संस्थान थे। वे पूरे के पूरे पाठ्यक्रम थे और वे ही प्रयोगशाला थे। उनके भीतर अपने समाज को देखने और समझने की अचूक दृष्टि थी। इसलिए पत्रकारिता के पश्चिमी सिद्धां…
जलवायु परिवर्तन और जेंडर रिपोर्टिंग के लिए विशेष कौशल व ज्ञान की जरुरत
एडब्ल्यूजेएफ का ‘‘Reporting Climate Change and Gender” विषय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित
गुवाहाटी/ असम महिला पत्रकार मंच (एडब्ल्यूजेएफ) ने अपनी पहली पहल में, गुवाहाटी विश्वविद्यालय के संचार एवं पत्रकारिता विभाग के सहयोग से गुरुवार, 19 सितंबर को ‘‘Reporting Climate Change and Gender” पर एक प्रशिक्षण स…
व्यक्ति-केंद्रित दृष्टिकोण से हटकर संस्थाओं पर ध्यान केंद्रित करे मीडिया: उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति ने आज संसद भवन में संसद टीवी@3 कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया
उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज भारत के खिलाफ़ नापाक मंसूबों को पूरा करने वालों से नाता न जोड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने राष्ट्र के प्रति शत्रुतापूर्ण ताकतों द्वारा उत्पन्न अस्तित्वगत चुनौतियों पर प्रकाश डाल…
मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र महत्वपूर्ण वृद्धि के लिए तैयार
कैबिनेट ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंपनी अधिनियम, 2013 के अधीन धारा 8 कंपनी के रूप में एनीमेशन, व…
2030 तक दुनिया का हर पांचवां व्यक्ति बोलेगा हिंदी: प्रो. द्विवेदी
हिंदी प्रचारिणी समिति, छिंदवाड़ा के आयोजन में सम्मानित हुए प्रो.संजय
भोपाल। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो.संजय द्विवेदी का कहना है कि 2030 तक दुनिया का हर पांचवां व्यक्ति हिंदी बोलगा। यह घटना भारत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण बनेगी। वे छिंदवाड़ा स्थित हिंदी प्रचार…
शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा करना हम सबों की जवाबदेही: श्रवण कुमार
कालेज आफॅ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइंस पटना का हीरक जयंती समापन समारोह सम्पन्न, महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका 'विमर्श' के हीरक जयंती अंक का भी विमोचन
पटना/ मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस के हीरक जयंती समापन समारोह के अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि…
हिंदी : राजभाषा, राष्ट्रभाषा और विश्वभाषा
हिंदी दिवस (14 सितंबर पर विशेष)
प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी/ एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है, बल्कि हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति और संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है। बहुत सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है, जिसे दुनिय…
पत्रकारिता गहरे संकट में है
उर्मिलेश/ हमारे समाज में मीडिया का कारपोरेट तंत्र फल-फूल रहा है पर पत्रकारिता गहरे संकट में है. असल में पत्रकारिता प्रोफेशनल और ऑब्जेक्टिव होकर ही की जा सकती है. मौजूदा मीडिया उद्योग को प्रोफेशनलिज्म और ऑब्जेक्टिविटी हरगिज मंजूर नहीं!
हमारे यहां पत्रकार तो बहुत हो गये हैं. टेलीविजन और अखबार भी बह…
दूसरा अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मीडिया सम्मेलन 11 को
उद्देश्य एशिया भर में बौद्ध मीडिया पेशेवरों का नेटवर्क बनाना, विषय ‘विचारशील संचार और टकराव से बचाव’
दिल्ली / अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) और विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआईएफ) "टकराव से बचने और सतत विकास के लिए विचारशील संचार" विषय पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मीडिया सम्मेलन का आयोजन…
वरिष्ठ पत्रकार उमेश उपाध्याय नहीं रहे
आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक ने कहा उमेश जी ने वैश्विक मीडिया के भारत विरोधी चेहरे को उजागर किया
भोपाल। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो.संजय द्विवेदी ने वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश उपाध्याय के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री उपाध्याय के निधन से…
नवीनतम ---
- डब्ल्यूजेएआई बिहार अगस्त में आयोजित करेगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम
- झारखंड में डब्ल्यूजेएआई की नई टीम गठित
- एमसीयू में तनाव प्रबंधन पर कार्यक्रम
- अमरनाथ झा : पत्रकारिता से नदी-पानी के जनसरोकार तक की अविस्मरणीय यात्रा
- डब्ल्यूजेएआई बिहार प्रदेश की नई कार्यकारिणी का गठन
- डॉ. अंबेडकर का बौद्ध धर्मांतरण एक प्रयोग था जो फेल हो गया
- आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध बिहार पुलिस की कार्रवाई
- एक इंजीनियर के आगे हांफती मीडियाकर्मी की भाषा
- कॉस्ट्यूम पत्रकारिता के दौर में साख की चिंता किसे है
- स्मृति कल्प का आयोजन 14 जून को
- अपने समय से संवाद का नाम है ‘संजय उवाच’
- पत्रकार या 'पत्थरकार'
- माना कि अंधेरा घना है, पर एक दीया जलाना कहाँ मना है!
- मिशन, बाजार और साख का संकट
- हिंदी पत्रकारिता निश्चित रूप से और आगे बढ़ेगी
- हिन्दी पत्रकारिता यानि तीन सदी की जनसंचारीय यात्रा
- संघर्ष, चेतना और जनसरोकारों की गौरवगाथा
- खबर से एजेंडा तक: जब हिंदी पत्रकारिता ने बदली अपनी राह
वर्गवार--
- feature (51)
- General (179)
- twitter (2)
- whatsapp (3)
- अपील (8)
- अभियान (10)
- अख़बारों से (5)
- आयोजन (103)
- इंडिया टुडे (3)
- खबर (1743)
- जानकारी (5)
- टिप्पणी (1)
- टीवी (3)
- नई कलम (1)
- निंदा (4)
- पत्र (2)
- पत्रकारिता : एक नज़र में (2)
- पत्रकारों की हो निम्नतम योग्यता ? (6)
- पत्रिका (45)
- पुस्तक समीक्षा (49)
- पुस्तिका (1)
- फेसबुक से (243)
- बहस (17)
- मई दिवस (2)
- मीडिया पुस्तक समीक्षा (23)
- मुद्दा (526)
- लोग (10)
- विरोधस्वरूप पुरस्कार वापसी (6)
- विविध खबरें (620)
- वेकेंसी (14)
- व्यंग्य (31)
- शिकायत (17)
- शिक्षा (11)
- श्रद्धांजलि (120)
- संगीत (1)
- संस्कृति (1)
- संस्मरण (33)
- सम्मान (17)
- साहित्य (104)
- सिनेमा (16)
- हिन्दी (5)
पुरालेख--
- July 2026 (2)
- June 2026 (11)
- May 2026 (14)
- April 2026 (7)
- March 2026 (4)
- February 2026 (9)
- January 2026 (7)
- December 2025 (8)
- November 2025 (5)
- October 2025 (5)
- September 2025 (8)
- August 2025 (12)
- July 2025 (11)
- June 2025 (7)
- May 2025 (35)
टिप्पणी--
-
सुख मंगल सिंहJuly 4, 2026
-
कैलाश दहियाJuly 3, 2026
-
Kailash DahiyaJuly 3, 2026
-
Omprakash KashyapJune 30, 2026
-
foo barMarch 2, 2025
-
रवि अहिरवारJanuary 6, 2025
-
पंकज चौधरीDecember 17, 2024
सम्पादक
डॉ. लीना

