Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

न्यूजऑनएयर पर श्रोताओं की संख्‍या 2 मिलियन बढ़ी

रेडियो की दुनिया में पहली बार प्रसार भारती ऑडियन्‍स रिसर्च टीम द्वारा श्रोताओं की सम्‍पूर्ण संख्‍या निर्धारित की जा रही है। एक महीने की अवधि में न्‍यूजऑनएयर ऐप पर ऑल इंडिया रेडियो लाइव-स्‍ट्रीम के श्रोताओं की संख्‍या बढ़कर दो मिलियन हो गई है। दिसम्‍बर 2021 में 18 मिलियन श्रोताओं ने न्‍यूजऑनएयर ऐप का उपयोग किया, जबकि यह संख्‍या नवम्‍बर में 16 मिलियन थी।

न्‍यूजऑनएयर ऐप ऑल इंडिया लाइव-स्‍ट्रीम की शहर के अनुसार, मासिक श्रोताओं के निर्धारण के अनुसार पुणे, बंगलुरू, इंदौर तथा नागपुर में श्रोताओं की संख्‍या कई मिलियन्‍स में है, जबकि पटना, लखनऊ तथा दिल्‍ली एनसीआर में यह एक मिलियन के निकट है।

भारत के शीर्ष शहरों की नवीनतम रैंकिंग में जहां न्‍यूजऑनएयर ऐप पर ऑल इंडिया लाइव-स्‍ट्रीम सर्वाधिक लोकप्रिय है, उसमें जयपुर ने शीर्ष सूची से एर्नाकुलम को शीर्ष सूची से बाहर करते हुए फिर वापसी की है।

शीर्ष ऑल इंडिया रेडियो स्‍ट्रीमों की रैंकिंग के बड़े परिवर्तन में एफएम रेनबो मुम्‍बई ने फिर से शीर्ष 10 में अपना स्‍थान बना लिया है, जबकि एआईआर न्‍यूज 24x7 सूची से बाहर हो गया है। एआईआर पुणे 9वें स्‍थान से ऊपर तीसरें स्‍थान पर पहुंच गया है, जबकि एआईआर मलयालम तीसरे स्‍थान से 7वें स्‍थान पर चला गया है।

प्रसार भारती की आधिकारिक ऐप न्‍यूजऑनएयर ऐप पर ऑल इंडिया रेडियो की 240 रेडियो सेवाओं से अधिक की लाइव-स्‍ट्रीम होती है। न्‍यूजऑनएयर ऐप पर इन ऑल इंडिया रेडियो स्‍ट्रीमों के न केवल भारत में बड़ी संख्‍या में श्रोता हैं, बल्कि विश्‍व में 85 से अधिक देशों में इसके श्रोता हैं।

भारत के उन शीर्ष शहरों में न्‍यूजऑनएयर ऐप पर ऑल इंडिया रेडियो लाइव-स्‍ट्रीम की लोकप्रियता को देखें और नीचे शीर्ष दस शहरों में मासिक श्रोताओं की संख्‍या भी पाएं। आप भारत में न्‍यूजऑनएयर ऐप पर शीर्ष ऑल इंडिया रेडियो लाइव-स्‍ट्रीमों को प्राप्‍त कर सकते हैं और शहरों के अनुसार इसका ब्‍यौरा भी प्राप्‍त कर सकते हैं। यह शीर्ष रैंकिंग 16 दिसम्‍बर से 31 दिसम्‍बर, 2021 के डॉटा पर आधारित है।

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;cb150097774dfc51c84ab58ee179d7f15df4c524175;250;a6c926dbf8b18aa0e044d0470600e721879f830e175;250;5524ae0861b21601695565e291fc9a46a5aa01a6175;250;3f5d4c2c26b49398cdc34f19140db988cef92c8b175;250;53d28ccf11a5f2258dec2770c24682261b39a58a175;250;d01a50798db92480eb660ab52fc97aeff55267d1175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना