हेमंत/ नीतीश जी की हालत ऐसी हो गयी है ब्राह्मणवादी सवर्णवादी मनुवादी जातिवादी मीडिया उनके मुंह में डालकर कुछ लिख दे रहा है। सुना दे रहा है। दिखा दे रहा है। नीतीश जी कुछ कर नहीं पा रहे हैं क्योंकि इसके पीछे भाजपा है। और नीतीश जी ने जिन लोगों को पार्टी सौंप रखी है, वे भाजपा से मिले हुए हैं।
नीतीश जी ने कल विधानसभा में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण SIR पर चर्चा के दौरान अचानक उठकर बोलना शुरू किया। सदन का नेता होने के कारण उन्हें किसी को रोक कर बोलने का हक है। जब नीतीश जी बोलने उठे तब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बोल रहे थे। तेजस्वी ने अपनी बात रोक दी और नीतीश जी बोलने लगे! लेकिन उन्होंने SIR पर एक शब्द नहीं कहा। तेजस्वी को बच्चा बताने , लालू-राबड़ी राज को कोसने और 2005 से पहले पटना में शाम के बाद कोई घर से बाहर नहीं निकलता था,जैसी फालतू बातें की!
चुनाव आयोग SIR के बहाने लाखों आदिवासी दलित पिछड़ा अतिपिछड़ा मुसलमान गरीब का वोटिंग राइट छीन रहा है। इस गंभीर मसले पर पूरा बिहार लंबे समय से नीतीश से कुछ सुनना चाह रहा था। लेकिन उन्होंने सबको निराश किया। अंट संट बकते रहे।
लेकिन अखबार में जो खबर छपी है, उससे ऐसा लगता है कि नीतीश कुमार ने SIR के पक्ष में निर्णायक भाषण दिया है!
इस देश में लोकतंत्र, संविधान को खत्म करने ,चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई, आइटी सबको गुलाम बना कर अपने राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए इस्तेमाल करने की जो परियोजना चल रही है। उसमें सवर्णवादी मीडिया बड़ा साझीदार है!

