Menu

 मीडियामोरचा

____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

Print Friendly and PDF

स्वास्थ्य मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाये मीडिया: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु ने वृत्तचित्र ‘‘संजीवनीः द जर्नी’’ को जारी किया

उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने आज कहा कि स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न मुद्दों के महत्व पर जागरूकता फैलाने में मीडिया संगठन अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने  मीडिया  संगठनों  से  जनता  को  शिक्षित  करने  के  लिए विभिन्न महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने एक वृत्तचित्र ‘‘संजीवनीः द जर्नी’’ को रिलीज किया, जिसमें नेटवर्क 18 और  फेडरल  बैंक  के  अभियान- संजीवनीः ए शॉट ऑफ लाइफ के बारे में बताया गया है, जिसका  उद्देश्य  जागरूकता  फैलाना  और  टीके  की  झिझक को दूर करना है।

टीकाकरण के महत्व पर जोर देते हुए, श्री नायडु ने कहा, ‘‘टीकाकरण कई जानलेवा बीमारियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए, विशेष  रूप  से  ग्रामीण  क्षेत्रों  में  टीकों  के  लाभों  के  बारे  में  जन  जागरूकता  पैदा करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।’’

श्री नायडु ने भारत में अब तक कोविड-19 टीके की 183 करोड़ से अधिक खुराक देने में सरकार, स्वास्थ्य कर्मियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।उन्होंने  उन  लोगों  से  टीके  की  झिझक  को  दूर  करने  और  टीका लगवाने की अपील की, जिन्होंने अभी तक टीका नहीं लगवाया है।

कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व को रेखांकित करते हुए श्री नायडु ने कहा कि सीएसआर कंपनियों को समाज के लि कुछ काम करने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है। उन्होंने  कहा  कि  सीएसआर  केवल  दान  या परोपकार नहीं बल्कि लोगों के जीवन में बदलाव लाने की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में मुख्य कंटेंट अधिकारी, श्री संतोष मेनन, नेटवर्क 18 डिजिटल के सीईओ श्री पुनीत सिंघवी, सीएनबीसी टीवी18 के प्रबंध संपादक श्रीमती शिरीन भान, स्पेशल प्रोजेक्ट्स नेटवर्क 18 के  प्रबंध  संपादक  श्री  आनंद  नरसिम्हन,  नेटवर्क 18 और फेडरल बैंक के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य लोग उपस्थित थे।

Go Back

Comment

नवीनतम ---

View older posts »

पत्रिकाएँ--

175;250;cb150097774dfc51c84ab58ee179d7f15df4c524175;250;a6c926dbf8b18aa0e044d0470600e721879f830e175;250;5524ae0861b21601695565e291fc9a46a5aa01a6175;250;3f5d4c2c26b49398cdc34f19140db988cef92c8b175;250;53d28ccf11a5f2258dec2770c24682261b39a58a175;250;d01a50798db92480eb660ab52fc97aeff55267d1175;250;e3ef6eb4ddc24e5736d235ecbd68e454b88d5835175;250;cff38901a92ab320d4e4d127646582daa6fece06175;250;25130fee77cc6a7d68ab2492a99ed430fdff47b0175;250;7e84be03d3977911d181e8b790a80e12e21ad58a175;250;c1ebe705c563d9355a96600af90f2e1cfdf6376b175;250;911552ca3470227404da93505e63ae3c95dd56dc175;250;752583747c426bd51be54809f98c69c3528f1038175;250;ed9c8dbad8ad7c9fe8d008636b633855ff50ea2c175;250;969799be449e2055f65c603896fb29f738656784175;250;1447481c47e48a70f350800c31fe70afa2064f36175;250;8f97282f7496d06983b1c3d7797207a8ccdd8b32175;250;3c7d93bd3e7e8cda784687a58432fadb638ea913175;250;0e451815591ddc160d4393274b2230309d15a30d175;250;ff955d24bb4dbc41f6dd219dff216082120fe5f0175;250;028e71a59fee3b0ded62867ae56ab899c41bd974

पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना