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समाचार कोई, फोटो दूसरे समाचार का

जागरण नालंदा की लापरवाही आई सामने

बिहार शरीफ/ समाचार पत्रों के पाठकों को स्थानीय समाचार सही ढंग से पढ़ने को मिले. इसी  उद्देश्य से अधिकांश दैनिक समाचार पत्रों ने जिला मुख्यालय में अपना कार्यालय खोला है. लेकिन स्थानीय अखबार कर्मी की लापरवाही के कारण आए दिन पाठकों को गलत समाचार पढ़ने को मिल रहा है.

ताजा मामला दैनिक जागरण पटना के नगर संस्करण के पेज संख्या चार (4) पर दिनांक 23 अप्रैल 2018 को देखने को मिला. समाचार कोई और है और फोटो किसी अन्य समाचार का लगा हुआ है.

दैनिक जागरण के पेज संख्या 4 पर 'व्यवसाई ही निकला लूट का मास्टरमाइंड, 13 अप्रैल को कोडरमा धाटी में हुई थी लूट." 31 लाख रुपए और सोने की हुई बरामदे शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था. समाचार में लिखा हुआ है कि इस मामले में जमीन में गाड़कर रखा गया 32 लाख 48 हजार नकद व लूटी गई 3 किलो 200 ग्राम सोना बरामद किया गया है. इस  समाचार में \फोटो साइबर ठग से बरामद रुपए व एटीएम कार्ड  एवं बरामद मोबाइल का लगा हुआ है. जबकि अन्य समाचार' साइबर ठग  गिरफ्तार "से  शीर्षक से बिना फोटो का लगा हुआ है.

अगर समय रहते ऐसी  लापरवाही पर काबू नहीं पाया गया तो भविष्य में बहुत बड़ी कीमत चुकानी  पड़ सकती है. क्योंकि, कभी -कभी कुछ शब्द की गलती से अर्थ का अनर्थ मतलब निकल जाता है.

बिहार शरीफ, नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना