‘डिजिटल पत्रकारिता के दौर में नैतिकता’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन
पटना/ पटना कॉलेज (पटना विश्वविद्यालय) के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में 21 मई को ‘डिजिटल पत्रकारिता के दौर में नैतिकता’ विषय पर एक एकल व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो.( डॉ) अनिल कुमार ने की, जबकि पत्रकारिता और जनसंचार विभाग के समन्वयक डॉ. सूर्यनाथ सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
व्याख्यान में वरिष्ठ पत्रकार व शिक्षाविद डॉ ध्रुव कुमार ने कहा कि डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के तीव्र विस्तार के दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए नैतिक मूल्यों का पालन अत्यंत आवश्यक है। अब स्मार्टफोन ने हर व्यक्ति को रिपोर्टर बना दिया है। प्रिंट युग में हमारे पास 24 घंटे होते थे, डिजिटल में 24 सेकंड। अब हम " पहले डालो - फिर सुधारो " को नैतिक मान लेते हैं। गलत खबर डिलीट करने से बेहतर है पारदर्शी करेक्शन लगाना। गलती मानना कमजोरी नहीं, भरोसा बढ़ाता है।
अब हमें " विराम नियम ( पॉज रूल ) " को अपनाने की आवश्यकता है। ब्रेकिंग न्यूज पोस्ट करते हुए या फॉरवर्ड करते हुए हमें दस मिनट रुक कर 3 स्रोत को चेक करके ही पोस्ट करने की नीति का अनुपालन करना होगा। साथ ही हमें " फैमिली टेस्ट " की नीति भी अपनानी होगी। पोस्ट करने से पहले हम अपने आप से पूछें - क्या इसे मैं अपने परिवार को दिखा सकता हूँ?
फेक न्यूज, आधी-अधूरी सूचनाएं, लाइक्स, कॉमेंट्स, टीआरपी की होड़ ने पत्रकारिता की गंभीरता और विश्वसनीयता को प्रभावित किया है।
डिजिटल मीडिया अब भारतीय प्रेस परिषद् ( प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ) के नॉर्म्स ऑफ जर्नलिस्टिक कंडक्ट - 2023 के दायरे में है।
पत्रकारिता के छात्र और पत्रकार डिजिटल प्लेटफॉर्म की ताकत को समझें, लेकिन उसके दुरुपयोग से बचें। निष्पक्षता, संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व ही पत्रकारिता की आत्मा है। पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने का दायित्व भी निभाती है।
हमें यह भी याद रखने की आवश्यकता है कि नैतिकता से युक्त पत्रकारिता निष्पक्ष हो सकती है, तटस्थ नहीं। तकनीक चाहे जितनी विकसित हो जाए, पत्रकारिता की मूल आत्मा सत्य, संतुलन और जनहित ही रहनी चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पटना कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार ने कहा कि आज सूचना तकनीक ने पत्रकारिता को अभूतपूर्व गति प्रदान की है, लेकिन इस गति के साथ कई चुनौतियाँ भी सामने आई हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ सूर्य नाथ सिंह सिंह ने कहा कि आज का यह विशेष व्याख्यान-सत्र मीडिया के छात्रों के लिए डिजिटल नैतिकता की कम्पास साबित होगा।
कार्यक्रम में हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. नेहा सिन्हा, अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. नकी अहमद जॉन, एमजेएमसी के समन्वयक डॉ. रमेश कुमार, डॉ. राधे श्याम, डॉ.उत्तम कुमार, पत्रकारिता और जनसंचार विभाग के शिक्षक श्री मनोज राय, डॉ. जैम्स हुसेन, श्री आशुतोष राजन, श्री समीर कुमार सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति रही।
मंच संचालन पत्रकारिता और जनसंचार विभाग के शिक्षक मुसव्विर अहमद मासूम ने कि तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नेहा सिन्हा ने किया।

