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____________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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एमजीसीयूबी में मालवीय जयंती पर संगोष्ठी आयोजित

मोतिहारी/ महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के पंडित मदन मोहन मालवीय वाणिज्य एवं प्रबंधन विज्ञान संकाय में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की 160 वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय परिसर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। महामना की राष्ट्र निर्माण में भूमिका विषय पर अपने विचार रखते हुए मीडिया अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अंजनी कुमार झा ने कहा कि महामना जी ने हिंदू धर्म की विशालता, विराटता और भव्यता को अखिल विश्व के समक्ष लाने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की। शिक्षा उन्नयन से राष्ट्र विकास के स्वप्न को मूर्तरूप प्रदान किया और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में स्त्रियों, दलितों,पिछड़ों, वंचितों,आदिवासी समुदाय के विद्यार्थियों को शिक्षा के अवसर प्रदान कर सामाजिक समरूपता का सूत्रपात किया। एक पत्रकार के रूप में महामना जी ने समाज में स्वतंत्रता की नवक्रांति और सामाजिक चेतना को नवदिशा प्रदान की। विशिष्ट अतिथि अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विमलेश कुमार सिंह ने महामना को सेवाभावी कर्मयोगी के रूप में राष्ट्र उत्थान का प्रचारक बताया। उन्होंने कहा कि मातृभूमि और मातृभाषा के उत्थान से कैसे राष्ट्र के स्वाभिमान को जागृत किया जा सकता है यह पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने सम्पूर्ण विश्व को दिखाया। महामना देश,समाज और राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षक व संवर्धक थे। संगोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुए प्रबंधन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ शिवेंद्र ने कहा कि महामना का जीवन दर्शन समग्रता का दर्शन है,जो लक्ष्यकेंद्रित और उद्देश्यपरक है। जिसमें राष्ट्र प्रथम का भाव है।

अध्यक्षता कर रहे पंडित मदन मोहन मालवीय वाणिज्य एवं प्रबंधन विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो पवनेश कुमार ने महामना के कुशल प्रबंधक और योजनाकार स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षाविद के रूप में महामना ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पुरातन और नूतन शिक्षा के विविध संकायों की स्थापना कर राष्ट्र में शैक्षिक क्रांति से स्वतंत्रता प्राप्ति के सार्थक प्रयास किए। राष्ट्र के युवाओं को राजनीतिक,सामाजिक,

आर्थिक,नैतिक और शैक्षिक क्षेत्रों में नेतृत्व के लिए उन्होंने प्रेरित किया। महामना दृढ़ संकल्पित और दूरदृष्टा व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे। उनका सम्पूर्ण जीवन दर्शन सभी के लिए प्रेरणा है। मीडिया अध्ययन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ सुनील दीपक घोड़के ने आगत अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ त्रिलोचन शर्मा, डॉ शिरीष , डॉ अलका, डॉ सपना सुंगधा, डॉ अवनीश, डॉ कमलेश समेत वाणिज्य,प्रबंधन और मीडिया अध्ययन विभाग के शोधार्थी व विद्यार्थियों उपस्थित रहे।

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पुरालेख--

सम्पादक

डॉ. लीना